Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां रविवार, 3 मई 2026 को एक 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चा अपनी मां और चाचा के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था, तभी अचानक चीनी मांझे ने उसके गले
Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां रविवार, 3 मई 2026 को एक 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चा अपनी मां और चाचा के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था, तभी अचानक चीनी मांझे ने उसके गले को काट दिया। यह हादसा जग प्रवेश चंद्र अस्पताल के पास हुआ।
चीनी मांझा क्या है और यह क्यों खतरनाक है?
Chinese Manjha एक सिंथेटिक धागा होता है जिस पर कांच या धातु का पाउडर चढ़ा होता है। यह इतना धारदार होता है कि पलक झपकते ही गहरे जख्म कर देता है। यह धागा नॉन-बायोडिग्रेडेबल है, यानी यह प्रकृति में घुलता नहीं है और इंसानों के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित होता है। इसी खतरे को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2017 में ही इस पर पूरी तरह रोक लगा दी थी।
कानून क्या कहता है और क्या होगी सजा?
दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे कई राज्यों में चीनी मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर पाबंदी है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि चीनी मांझे से होने वाली मौतों को हत्या माना जाए और सख्त कार्रवाई की जाए। इंदौर में इसके लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, नाबालिग बच्चों को इसे इस्तेमाल कराने वाले अभिभावकों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
इस हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इलाके में यह प्रतिबंधित मांझा कहां से आया और इसे कौन बेच रहा था। प्रशासन लगातार अभियान चलाकर इसे रोकने की कोशिश करता है, लेकिन फिर भी अवैध बिक्री जारी है जिससे ऐसे हादसे होते रहते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चीनी मांझा भारत के किन राज्यों में प्रतिबंधित है?
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों में सिंथेटिक और चीनी मांझे के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर पूरी तरह रोक है।
चीनी मांझे के इस्तेमाल पर क्या सजा मिल सकती है?
नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना और जेल हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारतीय न्याय संहिता के तहत 5 साल तक की कैद का प्रावधान है, और गंभीर मामलों में इसे हत्या की श्रेणी में भी रखा जा सकता है।