Delhi में BLO ड्यूटी से नहीं रुकेंगी स्कूल की क्लास, CEO ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Delhi: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब चुनाव संबंधी काम की वजह से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) दिल्ली ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के काम के कारण स्कूल

Delhi: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब चुनाव संबंधी काम की वजह से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) दिल्ली ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के काम के कारण स्कूल की क्लास बाधित नहीं होनी चाहिए। यह आदेश उन शिक्षकों के लिए बड़ी राहत है जो पढ़ाई और चुनाव ड्यूटी के बीच तालमेल बिठाने में मुश्किल महसूस कर रहे थे।

CEO दिल्ली ने 23 जुलाई 2026 को एक सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा गया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के लिए तैनात शिक्षकों को फुल टाइम स्कूल से दूर नहीं रखा जाएगा। आदेश के मुताबिक, शिक्षकों को BLO से जुड़ा काम स्कूल के समय के बाद या छुट्टियों के दिन करना होगा, ताकि उनकी मुख्य जिम्मेदारी यानी बच्चों को पढ़ाने में कोई रुकावट न आए। चुनाव आयोग के नियमों का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह सारा काम नॉन-टीचिंग घंटों और छुट्टियों में ही पूरा किया जाना चाहिए।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी स्कूल के शिक्षकों के काम के बोझ को लेकर काफी चिंता जताई जा रही थी। हाल ही में एक MCD स्कूल की टीचर सुमन लता की मौत और एक अन्य शिक्षक द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं ने इस मुद्दे को गंभीर बना दिया था। परिजनों का आरोप था कि ड्यूटी के भारी दबाव के कारण शिक्षक तनाव में थे। इसके अलावा, गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (GSTA) के महासचिव अजय वीर यादव ने भी बार-बार बच्चों की पढ़ाई के नुकसान का मुद्दा उठाया था।

मामला दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंचा है। 24 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि शिक्षकों को स्कूल के समय और छुट्टियों में ड्यूटी के लिए मजबूर करने का कानूनी आधार क्या है। कोर्ट ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि अगर शिक्षक मना करते हैं तो उन पर कार्रवाई होती है, फिर उन्हें ‘वॉलंटियर’ कैसे कहा जा सकता है। वहीं, चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि SIR का काम लगभग पूरा होने वाला है और दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

फिलहाल, 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर वोटर लिस्ट का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। 5 अगस्त तक ड्राफ्ट रोल तैयार होगा और 3 अक्टूबर तक फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी। अब जिला चुनाव अधिकारियों और EROs को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इस आदेश का पालन करें ताकि कक्षा 10 और 12 जैसे महत्वपूर्ण साल के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।