Delhi में CJP विरोध प्रदर्शन के बाद लॉकडाउन जैसे हालात, इंटरनेट बंद और मेट्रो स्टेशन रहे बंद
Delhi: राजधानी के सेंट्रल दिल्ली इलाके में गुरुवार शाम को भारी तनाव देखा गया। Jantar Mantar के आसपास मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई। विरोध प्रदर्शन के
Delhi: राजधानी के सेंट्रल दिल्ली इलाके में गुरुवार शाम को भारी तनाव देखा गया। Jantar Mantar के आसपास मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई। विरोध प्रदर्शन के चलते Connaught Place के बाजारों को समय से पहले ही बंद करना पड़ा।
गुरुवार शाम 4 बजे से आधी रात तक Jantar Mantar के 1.5 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं ठप रहीं। गृह मंत्रालय (MHA) ने सार्वजनिक सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए Telecommunication Act 2023 के तहत यह कदम उठाया। इंटरनेट बंद होने की वजह से डिजिटल पेमेंट सिस्टम काम नहीं कर रहे थे, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों को दिक्कत आई। सुरक्षा कारणों से Rajiv Chowk समेत कई मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए, जिससे ऑफिस से घर लौटने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हिंसा की कुछ घटनाओं में दो ACP रैंक के अधिकारियों समेत कुल छह पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं, एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk ने केंद्र सरकार के मंत्रियों J.P. Nadda और Jitendra Singh से मुलाकात के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले पर छात्रों को भरोसा दिलाया और दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही।
Cockroach Janta Party (CJP) ने साफ किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan इस्तीफा नहीं देते, उनका विरोध जारी रहेगा। CJP ने अब ‘Every District. One Day. One Demand’ के नारे के साथ देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। शुक्रवार को CJP का एक प्रतिनिधिमंडल Constitution Club of India में सरकारी मंत्रियों से मुलाकात करेगा।
दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर 200 से ज्यादा संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत पाबंदी लागू है ताकि लोग सेंट्रल दिल्ली की तरफ न आएं। दूसरी तरफ, Internet Freedom Foundation (IFF) ने बिना सार्वजनिक आदेश के इंटरनेट बंद करने पर सवाल उठाए हैं और इसे कानूनी नियमों का उल्लंघन बताया है।