Delhi: राजधानी की तीस हजारी कोर्ट ने एक बड़े मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर Ramnish Geer और रिटायर्ड ACP V.K. Pandey को दोषी ठहराया है। इन दोनों अधिकारियों पर आरोप था कि उन्होंने 26 साल
Delhi: राजधानी की तीस हजारी कोर्ट ने एक बड़े मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर Ramnish Geer और रिटायर्ड ACP V.K. Pandey को दोषी ठहराया है। इन दोनों अधिकारियों पर आरोप था कि उन्होंने 26 साल पहले एक IRS अफसर के घर पर गलत तरीके से छापेमारी की थी।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई कार्रवाई
यह मामला 19 अक्टूबर 2000 का है। उस समय Ramnish Geer, CBI में DSP थे और V.K. Pandey इंस्पेक्टर थे। इन दोनों ने 1985 बैच के IRS अफसर Ashok Kumar Aggarwal के घर पर छापा मारा था। कोर्ट ने पाया कि यह छापेमारी कानून के खिलाफ थी और इसका मकसद एक CAT ऑर्डर को नाकाम करना था, जिसमें अफसर के सस्पेंशन की समीक्षा की बात कही गई थी।
कोर्ट ने सजा सुनाते समय क्या कहा
जज शशांक नंदन भट्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि आरोपियों ने बिना किसी ठोस वजह के घर का मुख्य दरवाजा तोड़ा, जो कि गलत था। कोर्ट के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई निजी रंजिश निकालने और प्रोफेशनल स्कोर सेट करने के लिए की गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे काम सरकारी ड्यूटी का हिस्सा नहीं माने जा सकते, इसलिए आरोपियों को कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी।
मामले की मुख्य बातें और अगली तारीख
- दोषी अधिकारी: Ramnish Geer (CBI जॉइंट डायरेक्टर) और V.K. Pandey (रिटायर्ड ACP)
- शिकायतकर्ता: Ashok Kumar Aggarwal (IRS अधिकारी)
- दोषी पाए गए अपराध: बिना अनुमति घर में घुसना (Criminal Trespass), हमला और तोड़फोड़
- फैसले की तारीख: 18 अप्रैल 2026
- सजा की तारीख: 27 अप्रैल 2026 को सजा सुनाई जाएगी