Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कमर कस ली है। ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत सिविल लाइंस, करोल बाग और पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों में विशेष जांच अभियान
Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कमर कस ली है। ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत सिविल लाइंस, करोल बाग और पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़क पर धूल और मलबे के नियमों की अनदेखी करने वाले 34 मामले सामने आए हैं।
किन इलाकों में हुई कार्रवाई और क्या मिली कमियां?
CAQM की पांच फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने बुधवार को अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा किया। जांच में पाया गया कि कई मुख्य सड़कों पर धूल का स्तर बहुत ज्यादा था और निर्माण कार्य से निकला मलबा (C&D waste) सड़कों पर ही जमा था। इससे आम लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और प्रदूषण बढ़ रहा है। जिन रास्तों पर कमियां मिलीं, उनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:
| प्रमुख मार्ग/इलाके |
मुख्य समस्या |
| नजफगढ़ रोड, रिंग रोड (पंजाबी बाग), केशोपुर रोड |
सड़क पर धूल का उच्च स्तर |
| महाकवि गोस्वामी तुलसीदास मार्ग, वैदिक मार्ग |
नियमों का उल्लंघन |
| सतगुरु राम सिंह मार्ग, बाबा रामदेव मार्ग |
मलबे का जमाव |
| मलकागंज रोड, रामलाल कपूर मार्ग |
सफाई की कमी |
| शांति स्वरूप त्यागी मार्ग, आज़ादपुर रोड |
प्रबंधन में लापरवाही |
| भलस्वा डेयरी रोड और फैज़ रोड |
धूल नियंत्रण का अभाव |
नए नियम क्या हैं और MCD को क्या निर्देश मिले?
CAQM ने 1 अप्रैल 2026 से नए कड़े नियम लागू किए हैं। इसके तहत अब हर 5 किमी x 5 किमी के दायरे में मलबे के लिए एक कलेक्शन पॉइंट बनाना जरूरी है। साथ ही, 200 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए मलबे की जानकारी देना और उसे GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों से ले जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
आयोग ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को सख्त निर्देश दिए हैं कि सड़कों की मशीनीकृत सफाई की जाए और पानी का छिड़काव नियमित रूप से हो। मलबे को तुरंत हटाने और बिना अनुमति कचरा फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। CAQM ने साफ किया है कि ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत दिल्ली-एनसीआर में ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि हवा को साफ रखा जा सके।