Delhi की बसें अब कचरे से बने हाइड्रोजन फ्यूल से चलेंगी, नितिन गडकरी ने बताया फ्यूचर प्लान
Delhi: राजधानी दिल्ली में अब कूड़े का इस्तेमाल बसों को चलाने के लिए किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि भविष्य में दिल्ली की बसें नगर निगम के कचरे से बनने वाले हाइड्रोजन ईंध
Delhi: राजधानी दिल्ली में अब कूड़े का इस्तेमाल बसों को चलाने के लिए किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि भविष्य में दिल्ली की बसें नगर निगम के कचरे से बनने वाले हाइड्रोजन ईंधन से चल सकती हैं। यह जानकारी उन्होंने 6 जुलाई 2026 को दिल्ली भाजपा के एक युवा सम्मेलन में दी।
नितिन गडकरी ने बताया कि दिल्ली में कचरे को अलग-अलग किया जाएगा और फिर बायो-डाइजेस्टर की मदद से उससे हाइड्रोजन गैस बनाई जाएगी। इसी गैस का इस्तेमाल बसों के ईंधन के तौर पर होगा। उन्होंने कहा कि यह तरीका पूरी तरह संभव है और 2027 तक देशभर से कचरे के ढेर खत्म करने की योजना है। इससे पहले परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने भी बताया था कि दिल्ली सरकार शहर में दो हाइड्रोजन बसें चलाने की तैयारी कर रही है।
इस दिशा में दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई 2026 को ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026’ लागू कर दी है। इस नीति के तहत अगले चार सालों में सार्वजनिक परिवहन में हाइड्रोजन ईंधन वाले वाहनों को जोड़ा जाएगा। NTPC अपनी CSR पहल के जरिए दो हाइड्रोजन बसें उपलब्ध कराएगा।
पर्यावरण को बचाने के लिए दिल्ली में अब तक लैंडफिल साइटों से करीब 80 लाख टन कचरे का उपयोग एक्सप्रेसवे बनाने में किया जा चुका है। इसके साथ ही देश में हाइड्रोजन तकनीक का विस्तार हो रहा है और 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच पहली हाइड्रोजन ट्रेन का कमर्शियल संचालन शुरू होगा।