Delhi: राजधानी के वसंत एनक्लेव इलाके में भारतीय सेना के एक ब्रिगेडियर और उनके बेटे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे हुई जब उन्होंने कार में शराब पी रहे कुछ लोगों को रोकने की कोशिश
Delhi: राजधानी के वसंत एनक्लेव इलाके में भारतीय सेना के एक ब्रिगेडियर और उनके बेटे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे हुई जब उन्होंने कार में शराब पी रहे कुछ लोगों को रोकने की कोशिश की। इस मामले में दिल्ली पुलिस की शुरुआती लापरवाही के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई मारपीट
ब्रिगेडियर पी.एस. अरोड़ा और आईआईटी दिल्ली के छात्र उनके बेटे तेजस सिंह अरोड़ा ने अपने घर के पास कार में शराब पी रहे दो लोगों को टोका था। विवाद बढ़ने पर उन लोगों ने अपने 7-8 साथियों को बुला लिया और हमला कर दिया। इस हमले में ब्रिगेडियर के बेटे को गंभीर चोटें आईं और ब्रिगेडियर के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि पीसीआर वैन 20 मिनट की देरी से पहुंची और पुलिस के सामने भी 15 मिनट तक मारपीट चलती रही।
पुलिस की कार्रवाई और लापरवाही पर एक्शन
शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल ‘जनरल डायरी’ (GD) में एंट्री की थी, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ। अब दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद एक इंस्पेक्टर को जिला लाइन भेज दिया गया है। घटना के समय मदद न मिलने के कारण ब्रिगेडियर को अपने बेटे को सैन्य अस्पताल ले जाना पड़ा था।
सेना का हस्तक्षेप और वर्तमान स्थिति
भारतीय सेना ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और अधिकारी की मदद के लिए मिलिट्री पुलिस की एक टीम तैनात की है। सेना ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच तेजी से की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। कर्नल दानवीर सिंह और अशोक बिजलवान जैसे अधिकारियों ने भी सोशल मीडिया पर पुलिस के इस रवैये पर सवाल उठाए हैं।