Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और समय की पाबंदी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अब दिल्ली सरकार और MCD के सभी दफ्तरों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैस
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और समय की पाबंदी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अब दिल्ली सरकार और MCD के सभी दफ्तरों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला 9 अप्रैल, 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा राज्य GST कार्यालय के औचक निरीक्षण के बाद लिया गया है, जहाँ कई अधिकारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले थे।
बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर क्या हैं नए निर्देश?
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अब छोटे कर्मचारियों से लेकर सीनियर अधिकारियों तक सबको अपनी उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन के जरिए दर्ज करनी होगी। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को भी समय पर आकर हाजिरी लगानी होगी।
- सभी विभागों को अपने यहाँ बायोमेट्रिक सिस्टम को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
- देरी से आने या बिना जानकारी के ऑफिस से गायब रहने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- हाजिरी की दैनिक रिपोर्ट हर दिन दोपहर 12 बजे तक मुख्य सचिव को भेजी जाएगी और महीने की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को मिलेगी।
दफ्तरों के समय और जवाबदेही पर क्या है नई अपडेट?
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। GRAP नियमों में बदलाव के बाद ऑफिसों का समय अब सामान्य कर दिया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जनता के काम में होने वाली किसी भी देरी के लिए वे सीधे जिम्मेदार होंगे।
| विभाग |
ऑफिस का समय |
| नगर निगम (MCD) कार्यालय |
सुबह 9:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक |
| दिल्ली सरकार (GNCTD) कार्यालय |
सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक |
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का मानना है कि अनुशासन ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि जब तक बड़े अधिकारी समय पर नहीं आएंगे, तब तक पूरी व्यवस्था में सुधार लाना मुश्किल होगा। अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया है। सरकारी दफ्तरों में लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है।