Delhi: राजधानी दिल्ली के जाफरपुर कलां गांव में बिहार के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान खगड़िया के रहने वाले पांडाव कुमार के रूप में हुई है, जो यहां फूड डिलीवरी एजेंट का काम करता था। परिवार का सीधा आर
Delhi: राजधानी दिल्ली के जाफरपुर कलां गांव में बिहार के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान खगड़िया के रहने वाले पांडाव कुमार के रूप में हुई है, जो यहां फूड डिलीवरी एजेंट का काम करता था। परिवार का सीधा आरोप है कि पांडाव को उसकी बिहारी पहचान और जाति की वजह से निशाना बनाया गया।
क्या है पूरा मामला और किसने किया हमला
यह घटना अप्रैल के आखिरी दिनों की है। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल नीरज ने पांडाव कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। इस फायरिंग में पांडाव का दोस्त कृष्णा भी घायल हुआ था। मृतक के परिवार का कहना है कि आरोपी ने हमला करने से पहले जातिसूचक गालियां दी थीं और उन्हें बिहार का होने की वजह से टारगेट किया था। दिल्ली पुलिस को अस्पताल से सूचना मिली थी, हालांकि शुरुआत में पुलिस ने हेड कांस्टेबल के शामिल होने की बात की पुष्टि नहीं की थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मुआवजे का ऐलान
इस घटना के बाद बिहार और दिल्ली की राजनीति गरमा गई। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में बिहारी होना अपराध बन गया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर बात करने और प्रवासी मजदूरों के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग की। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवार के लिए 8 लाख रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया, जिसमें 4 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष और 4 लाख रुपये श्रम संसाधन विभाग से दिए जाएंगे।
AAP का विरोध प्रदर्शन और कानूनी विवाद
आम आदमी पार्टी की पूर्वांचल विंग ने इस मामले में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। दूसरी तरफ, एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस केस में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कोर्ट ने पाया कि दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी मुकेश को बिना ट्रांजिट रिमांड लिए बिहार से गिरफ्तार किया, जो कानूनी नियमों के खिलाफ था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पांडाव कुमार कौन था और उसकी हत्या कहां हुई
पांडाव कुमार बिहार के खगड़िया का रहने वाला था और दिल्ली में फूड डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करता था। उसकी हत्या दिल्ली के जाफरपुर कलां गांव में गोली मारकर की गई।
बिहार सरकार ने पीड़ित परिवार को कितनी मदद दी है
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार के लिए कुल 8 लाख रुपये की सहायता राशि घोषित की है, जिसमें से 4 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष और 4 लाख रुपये श्रम संसाधन विभाग से दिए जाएंगे।