Delhi: राजधानी दिल्ली के भलस्वा इलाके में कचरे के पहाड़ से जल्द ही छुटकारा मिल सकता है। दिल्ली के नवनियुक्त मेयर Pravesh Wahi ने Bhalswa लैंडफिल साइट का दौरा किया और वहां चल रहे बायो-माइनिंग के काम की समीक्षा की। मेयर ने
Delhi: राजधानी दिल्ली के भलस्वा इलाके में कचरे के पहाड़ से जल्द ही छुटकारा मिल सकता है। दिल्ली के नवनियुक्त मेयर Pravesh Wahi ने Bhalswa लैंडफिल साइट का दौरा किया और वहां चल रहे बायो-माइनिंग के काम की समीक्षा की। मेयर ने भरोसा दिलाया है कि इस साल दिसंबर तक लैंडफिल को पूरी तरह समतल कर दिया जाएगा।
भलस्वा लैंडफिल में क्या काम चल रहा है?
मेयर Pravesh Wahi ने मौके पर जाकर बायो-माइनिंग और बायो-रेमेडिएशन के काम को देखा। यह प्रक्रिया कचरे के पुराने ढेरों को वैज्ञानिक तरीके से साफ करने के लिए अपनाई जा रही है। मेयर ने अधिकारियों से काम की रफ्तार बढ़ाने को कहा ताकि तय समय सीमा के भीतर कचरे के पहाड़ को खत्म किया जा सके।
CNG बायोगैस प्लांट का भी किया दौरा
लैंडफिल साइट के साथ-साथ मेयर ने घोग्घा स्थित CNG बायोगैस प्लांट का भी निरीक्षण किया। इस प्लांट का मकसद कचरे से ऊर्जा पैदा करना है। मेयर ने वहां की कार्यप्रणाली को समझा और यह देखा कि कचरे का सही इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है ताकि शहर में प्रदूषण कम हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भलस्वा लैंडफिल को कब तक खत्म करने का लक्ष्य है?
मेयर Pravesh Wahi के अनुसार, भलस्वा लैंडफिल को इसी साल दिसंबर तक पूरी तरह समतल (flatten) करने का लक्ष्य रखा गया है।
कचरा साफ करने के लिए कौन सी तकनीक इस्तेमाल हो रही है?
लैंडफिल साइट पर कचरे को हटाने के लिए बायो-माइनिंग और बायो-रेमेडिएशन ऑपरेशंस का उपयोग किया जा रहा है।