Delhi: दिल्ली में भैरों मार्ग और रिंग रोड पर लगने वाले भारी जाम से राहत पाने के लिए लोगों को अभी और लंबा इंतजार करना होगा। भैरों मार्ग पर बन रहे अंडरपास नंबर 5 का काम अब फरवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। दिल्ली के लो
Delhi: दिल्ली में भैरों मार्ग और रिंग रोड पर लगने वाले भारी जाम से राहत पाने के लिए लोगों को अभी और लंबा इंतजार करना होगा। भैरों मार्ग पर बन रहे अंडरपास नंबर 5 का काम अब फरवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया गया है। पहले इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तकनीकी चुनौतियों और पिछले साल आई बाढ़ की वजह से काम की रफ्तार सुस्त हो गई थी।
इस प्रोजेक्ट में देरी की मुख्य वजह क्या है?
इस अंडरपास के निर्माण में देरी का सबसे बड़ा कारण जुलाई 2023 में यमुना नदी में आई बाढ़ को माना जा रहा है। बाढ़ के पानी की वजह से रेलवे लाइन के नीचे धकेला गया प्रीकास्ट कंक्रीट बॉक्स धंस गया था। इसके कारण जमीन धंसने और अंडरपास की ऊंचाई कम होने जैसी गंभीर समस्याएं खड़ी हो गईं। PWD मंत्री परवेश सिंह वर्मा के मुताबिक, रेलवे ने अब ट्रेनों का आवागमन रोकने के लिए जरूरी मंजूरी दे दी है। विभाग का लक्ष्य है कि इस साल मानसून शुरू होने से पहले बॉक्स-पुशिंग का काम पूरा कर लिया जाए ताकि प्रोजेक्ट में और देरी न हो।
नए डिजाइन में क्या बदलाव किए गए हैं?
बाढ़ और जमीन धंसने के बाद विशेषज्ञों की राय पर अंडरपास के डिजाइन में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब यह रास्ता सभी गाड़ियों के लिए नहीं होगा।
- वाहनों पर पाबंदी: अब इस अंडरपास से केवल कार और ऑटो जैसे हल्के वाहन ही गुजर सकेंगे।
- ऊंचाई में कमी: सुरक्षा कारणों से अंडरपास की ऊंचाई को 5.5 मीटर से घटाकर 3.9 मीटर कर दिया गया है।
- लेन की संख्या: पहले इसे तीन लेन का बनाया जाना था, लेकिन अब यह केवल दो लेन का कॉरिडोर ही रहेगा।
फिलहाल इस अंडरपास का आधा हिस्सा मार्च 2024 से ट्रैफिक के लिए खुला है, जिससे आईटीओ से सराय काले खां की तरफ जाने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है। बाकी बचे हुए काम को पूरा करने के लिए आईआईटी दिल्ली और बॉम्बे के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भैरों मार्ग अंडरपास का काम अब कब तक पूरा होगा?
दिल्ली PWD के ताजा अपडेट के अनुसार, भैरों मार्ग अंडरपास का निर्माण कार्य फरवरी 2027 तक पूरा होने की संभावना है।
क्या इस अंडरपास से बसें और भारी ट्रक गुजर सकेंगे?
नहीं, डिजाइन में बदलाव के बाद इसकी ऊंचाई कम कर दी गई है। अब यहां से केवल हल्के मोटर वाहन (LMV) ही निकल सकेंगे।
प्रोजेक्ट में देरी क्यों हुई है?
साल 2023 में यमुना में आई बाढ़ की वजह से कंक्रीट बॉक्स धंस गया था और जमीन धंसने जैसी चुनौतियां सामने आई थीं, जिससे काम प्रभावित हुआ।