Delhi: सराय काले खां से मयूर विहार को जोड़ने वाला बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 1,635.03 करोड़ रुपये के संशोधित बजट को मंजूरी दे दी है। मुख्यमं
Delhi: सराय काले खां से मयूर विहार को जोड़ने वाला बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 1,635.03 करोड़ रुपये के संशोधित बजट को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रोजेक्ट में हुई देरी पर नाराजगी जताते हुए इसकी जांच एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) को सौंप दी है। इस फ्लाईओवर के बनने से पूर्वी दिल्ली और साउथ दिल्ली के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
प्रोजेक्ट की देरी और लागत से जुड़े कुछ खास आंकड़े
इस प्रोजेक्ट को लेकर सरकार और विभाग के बीच कई बार समय सीमा बदली गई है। देरी की वजह से लागत में भी भारी बढ़ोतरी हुई है जिसे नीचे दी गई टेबल से समझा जा सकता है:
| विवरण |
जानकारी |
| प्रोजेक्ट की शुरुआत |
साल 2015 |
| पुरानी डेडलाइन |
अक्टूबर 2017 |
| नई डेडलाइन |
30 जून 2026 |
| संशोधित कुल लागत |
1,635.03 करोड़ रुपये |
| वर्तमान स्थिति |
लगभग 95% काम पूरा |
किन वजहों से अटका रहा 10 साल का काम?
बारापुला फेज-3 के काम में देरी के पीछे कई प्रशासनिक और तकनीकी दिक्कतें रहीं। इनमें सबसे बड़ी समस्या नांगली रजापुर गांव की जमीन का अधिग्रहण न हो पाना था। इसके अलावा अन्य कई कारणों ने भी काम की रफ्तार को धीमा किया:
- जमीन अधिग्रहण का मामला 2016 से 2023 के बीच लंबे समय तक लटका रहा
- पेड़ों की कटाई और शिफ्टिंग के लिए अनुमति मिलने में काफी ज्यादा वक्त लगा
- इंजीनियरिंग की चुनौतियों और कोरोना महामारी के कारण भी प्रोजेक्ट में देरी हुई
- एलजी वी.के. सक्सेना ने देरी के लिए प्रशासनिक लापरवाही और आपराधिक उपेक्षा की बात कही है
- सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट की कमेटी (CEC) ने पेड़ों की कटाई के लिए जरूरी मंजूरी दी थी
- पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा ने कहा है कि कॉरिडोर को एक साल के भीतर तैयार कर लिया जाएगा