Delhi: दिल्ली बार काउंसिल (BCD) के चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वोटों की गिनती पर लगी रोक को हटाने से साफ इनकार कर दिया है। अब इस पूरे मामले की सुनवाई 25 मई को दिल्ली हाई कोर्ट में ह
Delhi: दिल्ली बार काउंसिल (BCD) के चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वोटों की गिनती पर लगी रोक को हटाने से साफ इनकार कर दिया है। अब इस पूरे मामले की सुनवाई 25 मई को दिल्ली हाई कोर्ट में होगी, जहां तय होगा कि आगे की प्रक्रिया क्या रहेगी।
वोटों की गिनती पर रोक क्यों लगी है?
सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई 2026 को इन चुनावों की गिनती पर रोक लगाई थी। यह फैसला तब आया जब चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और बैलेट पेपर के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे थे। कोर्ट का मानना है कि इस मामले में कुछ गंभीर मुद्दे शामिल हैं, इसलिए जब तक हाई कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक वोटों की गिनती नहीं होगी।
High Court में क्या होगा और क्या है अगली तारीख?
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि दिल्ली हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच 25 मई 2026 को इस मामले की सुनवाई करे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इसे जल्द सुलझाने और रोजाना सुनवाई करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी पक्ष को अंतरिम राहत चाहिए, तो वे हाई कोर्ट से संपर्क कर सकते हैं।
वकीलों की दलील और कोर्ट का रुख
वरिष्ठ अधिवक्ता Vikas Singh ने कोर्ट से अपील की थी कि गिनती शुरू करने दी जाए, भले ही नतीजे तुरंत घोषित न हों। उन्होंने तर्क दिया कि दिल्ली बार काउंसिल ने इन चुनावों पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली बार काउंसिल चुनाव की गिनती कब शुरू होगी?
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने गिनती पर रोक लगा रखी है। अब 25 मई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में इस पर सुनवाई होगी, जिसके बाद ही गिनती की तारीख तय हो पाएगी।
वोटों की गिनती पर रोक लगाने का मुख्य कारण क्या है?
चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और बैलेट पेपर के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर माना है।