Delhi: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में दो बैंक कर्मचारियों को तेलंगाना पुलिस के हवाले कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी वैभव पाल और विनोद राम की 5 दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की है। इन दोनों पर हैद
Delhi: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में दो बैंक कर्मचारियों को तेलंगाना पुलिस के हवाले कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी वैभव पाल और विनोद राम की 5 दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की है। इन दोनों पर हैदराबाद की एक रिटायर्ड डॉक्टर से लाखों रुपये ठगने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई ठगी?
यह पूरा मामला हैदराबाद की एक 74 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर ए. सुचारिता से जुड़ा है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर डॉक्टर के साथ धोखाधड़ी की और उनसे करीब 68 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले की जांच हैदराबाद के साइबर पुलिस स्टेशन द्वारा की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों को 13 अप्रैल 2026 को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने रिमांड देते समय क्या कहा?
ड्यूटी जेएमएफसी डॉ. अनीज़ा बिश्नोई ने मामले के दस्तावेजों को देखने के बाद रिमांड मंजूर की। कोर्ट ने माना कि अपराध का तरीका और पैमाना काफी गंभीर है और शुरुआती सबूतों में दोनों आरोपी इस मामले में शामिल दिख रहे हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि मेडिकल जांच के बाद आरोपियों को हैदराबाद की नामपल्ली कोर्ट में पेश किया जाए।
आरोपियों पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
| कानून/एक्ट |
धाराएं (Sections) |
| I.T. Act |
66(C), 66(D) |
| BNS |
111(2)(b), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) |