Delhi: राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों में सफर करना मुश्किल हो सकता है। शहर के ऑटो और कैब चालकों की यूनियनों ने 21 मई से 23 मई, 2026 तक तीन दिनों की हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहन सड़क स
Delhi: राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों में सफर करना मुश्किल हो सकता है। शहर के ऑटो और कैब चालकों की यूनियनों ने 21 मई से 23 मई, 2026 तक तीन दिनों की हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहन सड़क से गायब रहेंगे, जिससे ऑफिस जाने वालों और आम यात्रियों को काफी दिक्कतें आ सकती हैं।
हड़ताल क्यों हो रही है और क्या हैं मुख्य मांगें
चालक शक्ति यूनियन और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) जैसी संस्थाओं ने इस हड़ताल का नेतृत्व किया है। चालकों का कहना है कि CNG, पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे उनके परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- टैक्सी और ऑटो के किराए में तुरंत बढ़ोतरी की जाए।
- मालवाहक वाहनों पर लगाए गए उपकर (Cess) में वृद्धि को वापस लिया जाए।
- 1 नवंबर 2026 से BS-IV कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर लगने वाले प्रतिबंध को हटाया जाए।
- Ola, Uber और Rapido जैसी कंपनियों द्वारा चालकों के आर्थिक शोषण को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं।
सरकार का क्या है रुख और आगे क्या होगा
AIMTC ने इस संबंध में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर अपनी बातें रखी हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 2025 में किराए बढ़ाने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार की ओर से इसमें देरी हुई है। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री गुप्ता के साथ पर्यावरण उपकर के मुद्दे पर चर्चा की है और जल्द समाधान निकालने की बात कही है। 23 मई 2026 को दिल्ली सचिवालय में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में ऑटो-कैब हड़ताल कब से कब तक है?
दिल्ली में ऑटो और कैब चालकों की हड़ताल 21 मई से 23 मई, 2026 तक चलेगी। इस दौरान 23 मई को दिल्ली सचिवालय में प्रदर्शन भी होगा।
चालकों की मुख्य मांग क्या है?
चालकों की मुख्य मांग ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण टैक्सी और ऑटो के किराए में बढ़ोतरी करना और मालवाहक वाहनों पर लगे अतिरिक्त उपकर को हटाना है।