Delhi की अटल कैंटीन योजना की चर्चा देशभर में, 16 अगस्त को खुलेंगी 24 नई कैंटीन, DU के छात्रों को भी मिलेगा फायदा
Delhi: दिल्ली सरकार की अटल कैंटीन योजना अब दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन रही है। पटना और लेह-लद्दाख जैसे इलाकों से आए प्रतिनिधिमंडल इस योजना के कामकाज को समझने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस योजना का मकसद गरीब मजदूरो
Delhi: दिल्ली सरकार की अटल कैंटीन योजना अब दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन रही है। पटना और लेह-लद्दाख जैसे इलाकों से आए प्रतिनिधिमंडल इस योजना के कामकाज को समझने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस योजना का मकसद गरीब मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को बहुत कम दाम में पौष्टिक खाना खिलाना है।
दिल्ली में इस योजना का विस्तार तेजी से हो रहा है। 16 अगस्त, 2026 को शहर में 24 नई अटल कैंटीन शुरू की जाएंगी, जिसके बाद कुल कैंटीनों की संख्या बढ़कर 94 हो जाएगी। खास बात यह है कि 16 अगस्त से दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) परिसर में भी अटल कैंटीन खुलेगी, जहां छात्रों को मात्र 5 रुपये में भरपेट और पौष्टिक भोजन मिलेगा।
इस योजना की कार्यप्रणाली काफी आधुनिक है ताकि कोई गड़बड़ी न हो। भोजन की एक थाली की कुल लागत 30 रुपये आती है, जिसमें दिल्ली सरकार 25 रुपये की सब्सिडी देती है और व्यक्ति को सिर्फ 5 रुपये देने होते हैं। मेनू में रोटी, चावल, दाल और मौसमी सब्जियां शामिल हैं।
| सुविधा/नियम | विवरण | |
|---|---|---|
| भोजन की कीमत | 5 रुपये प्रति व्यक्ति | |
| सरकारी सब्सिडी | 25 रुपये प्रति थाली | |
| कुल लागत | 30 रुपये प्रति थाली | |
| निगरानी सिस्टम | CCTV और डिजिटल टोकन | |
| सुरक्षा उपाय | रेटिना स्कैन कैमरा (दुरुपयोग रोकने के लिए) | |
| बर्तन | स्टील की थाली का उपयोग |
इस मॉडल की सफलता को देखते हुए बिहार और हरियाणा के अधिकारियों ने भी पहले दिल्ली का दौरा किया था। लेह और लद्दाख के अधिकारियों ने हाल ही में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) से मुलाकात कर इस मॉडल को अपने क्षेत्र में लागू करने के लिए जरूरी दस्तावेज लिए हैं। यह योजना 25 दिसंबर, 2025 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर शुरू की गई थी।