Delhi: दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार 6 अप्रैल 2026 को एक बड़ी सेंधमारी हुई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एक सफेद SUV कार बैरिकेड्स तोड़ती हुई विधानसभा के गेट नंबर 2 के अंदर जा घुसी और अध्यक्ष के दफ
Delhi: दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार 6 अप्रैल 2026 को एक बड़ी सेंधमारी हुई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एक सफेद SUV कार बैरिकेड्स तोड़ती हुई विधानसभा के गेट नंबर 2 के अंदर जा घुसी और अध्यक्ष के दफ्तर तक पहुंच गई। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए शुरुआती जांच के बाद दो पुलिस अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि घटना के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
विधानसभा परिसर में कैसे हुई सुरक्षा में चूक और क्या थी आरोपी की मंशा?
पीलीभीत, उत्तर प्रदेश के रहने वाले 37 साल के सरबजीत सिंह ने अपनी कार से विधानसभा के गेट पर लगे बैरिकेड्स को टक्कर मारी और सीधे अंदर पहुंच गया। आरोपी ने वहां विधानसभा अध्यक्ष की गाड़ी के पास जाकर फूलों का गुलदस्ता और गेंदे के फूलों की माला रख दी। कुछ खबरों के मुताबिक आरोपी ने स्पीकर की कार पर स्याही भी फेंकी थी। इस घटना के समय ड्यूटी पर तैनात एक सब-इस्पेक्टर और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस ब्यूरो अब इस मामले में किसी बड़ी साजिश या आतंकी एंगल की भी जांच कर रही है।
कोर्ट में क्या हुआ और आरोपी के बारे में क्या जानकारियां मिलीं?
आरोपी सरबजीत सिंह को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी लेकिन कोर्ट ने 8 दिन की मंजूरी दी। पुलिस आरोपी का मोबाइल फोन ढूंढ रही है जिसे उसने कथित तौर पर फेंक दिया था। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दावा किया कि सरबजीत की मानसिक हालत ठीक नहीं है और उसने गलती से विधानसभा को गुरुद्वारा समझ लिया था। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील पर सवाल उठाया कि अगर वह मानसिक रूप से बीमार है तो इतनी दूर तक गाड़ी चलाकर कैसे आया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सरबजीत किसान आंदोलन का समर्थक रहा है और उसने सोशल मीडिया पर इससे जुड़े पोस्ट भी साझा किए थे।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के कड़े निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सुरक्षा को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की और पूरे सुरक्षा ढांचे को बदलने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा में सेंध को रोकने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
- विधानसभा के सभी प्रवेश द्वारों पर अब हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाए जाएंगे ताकि कोई जबरन वाहन न घुसा सके।
- दिल्ली पुलिस और CRPF के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक साझा कमांड स्ट्रक्चर बनाया जाएगा।
- परिसर में आने-जाने वाले लोगों के लिए एक्सेस कंट्रोल सिस्टम को और ज्यादा कड़ा किया जाएगा।
- सिविल लाइंस थाने में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।