Delhi: दिल्ली में गुरुवार, 9 अप्रैल, 2026 की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली विधानसभा और सचिवालय समेत कई महत्वपूर्ण जगहों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी भरा ईमेल सुबह करीब 8:14 बजे भेजा गया था, जिसमें स्कूलों
Delhi: दिल्ली में गुरुवार, 9 अप्रैल, 2026 की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली विधानसभा और सचिवालय समेत कई महत्वपूर्ण जगहों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी भरा ईमेल सुबह करीब 8:14 बजे भेजा गया था, जिसमें स्कूलों और मेट्रो स्टेशन को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड की टीमें सक्रिय हो गईं और संबंधित इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।
ईमेल में क्या लिखा था और कौन सी जगहें निशाने पर थीं?
धमकी भरे ईमेल में दिल्ली विधानसभा, दिल्ली सचिवालय और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर धमाके करने की चेतावनी दी गई थी। इसके अलावा दिल्ली के कुछ स्कूलों को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। ईमेल में आत्मघाती हमले का जिक्र किया गया था और कुछ संदेशों में ‘खालिस्तान’ शब्द का भी इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस ईमेल के जरिए शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की गई, जिसके बाद पूरी दिल्ली में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
जांच में पुलिस को क्या मिला और सुरक्षा के क्या हैं इंतजाम?
दिल्ली पुलिस और साइबर टीमों ने घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन शुरुआती जांच में कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पुलिस ने इस ईमेल को ‘फर्जी’ करार दिया है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से जांच जारी रखी गई है। साइबर सेल की टीम अब उस ईमेल आईडी और उसके सोर्स का पता लगाने में जुटी है जहां से यह धमकी भरा संदेश भेजा गया था। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस सामान की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सुरक्षा को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इससे कुछ दिन पहले यानी 6 अप्रैल, 2026 को एक सुरक्षा चूक की घटना हुई थी। उस समय एक व्यक्ति अपनी कार लेकर विधानसभा परिसर में घुस गया था, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई थी। अब बम की धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।