Delhi: दिल्ली विधानसभा परिसर में एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले सरबजीत सिंह ने वीआईपी गेट नंबर 2 को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां तैनात CRPF हवलदार जय प्रकाश नारायण को अपनी कार से
Delhi: दिल्ली विधानसभा परिसर में एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले सरबजीत सिंह ने वीआईपी गेट नंबर 2 को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां तैनात CRPF हवलदार जय प्रकाश नारायण को अपनी कार से दो बार कुचलने का प्रयास किया। आरोपी ने विधानसभा अध्यक्ष की कार में गुलदस्ता भी रखा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
सरबजीत सिंह ने ऐसा क्यों किया और क्या है पूरा मामला?
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि 37 साल का सरबजीत सिंह अपने 20 साल के भतीजे हरमन सिंह के लापता होने से परेशान था। वह सरकार और बड़े नेताओं का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहता था ताकि उसके भतीजे को खोजने में मदद मिले। आरोपी ने बताया कि वह संसद भवन में भी घुसने की योजना बना रहा था। वह पीलीभीत से चंडीगढ़ और फिर दिल्ली अपनी सफेद टाटा सिएरा कार से आया था।
सुरक्षा में लापरवाही और पुलिस की कार्रवाई क्या रही?
इस घटना के बाद विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। लापरवाही के चलते एक सब-इंस्पेक्टर (SI) और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं 10-12 अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच चल रही है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त करने और निगरानी व्यवस्था सुधारने के लिए बैठक की है।
आरोपी की हालत और कानूनी धाराएं क्या हैं?
आरोपी सरबजीत सिंह फिलहाल सीने में दर्द की शिकायत के बाद ईहबास अस्पताल में भर्ती है। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार वह कई सालों से डिप्रेशन का शिकार है। कोर्ट ने उसे 8 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है।
| विवरण |
जानकारी |
| आरोपी का नाम |
सरबजीत सिंह (पीलीभीत, UP) |
| पीड़ित |
हवलदार जय प्रकाश नारायण (CRPF) |
| वाहन नंबर |
UP26AZ8090 (Tata Sierra) |
| मुख्य धाराएं |
BNS 221, 132, 333, 109(1) और लोक संपत्ति क्षति अधिनियम |
| घटना की तारीख |
6 अप्रैल, 2026 |
| घटना का समय |
दोपहर करीब 2:10 बजे |