Delhi: दिल्ली विधानसभा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 18 साल से बंद पड़े ‘सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार’ को फिर से शुरू किया है। इस साल यह सम्मान कृष्णानगर सीट से विधायक डॉ. अनिल गोयल को दिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष
Delhi: दिल्ली विधानसभा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 18 साल से बंद पड़े ‘सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार’ को फिर से शुरू किया है। इस साल यह सम्मान कृष्णानगर सीट से विधायक डॉ. अनिल गोयल को दिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 23 अप्रैल, 2026 को इस घोषणा को आधिकारिक रूप से साझा किया।
किसे और क्या मिलेगा यह पुरस्कार
इस सम्मान के लिए कृष्णानगर के विधायक डॉ. अनिल गोयल को चुना गया है। उन्हें एक औपचारिक समारोह में यह पुरस्कार दिया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:
- एक प्रशस्ति पत्र
- एक स्मृति चिन्ह
- 51,000 रुपये की नकद राशि
विधायकों के चयन का क्या था तरीका
इस बार पुरस्कार के लिए विधायकों का चयन बहुत ही पारदर्शी तरीके से किया गया। इसके लिए 100 अंकों की एक प्रणाली बनाई गई थी, जिसमें 65 अंक विधानसभा के रिकॉर्ड और 35 अंक चयन समिति के मूल्यांकन पर आधारित थे।
| मूल्यांकन का आधार |
कुल अंक |
विवरण |
| सदन की कार्यवाही |
50 |
बहस की गुणवत्ता, उपस्थिति और पूछे गए प्रश्न |
| समिति की भागीदारी |
30 |
सक्रिय योगदान और उपस्थिति |
| अनुशासन और आचरण |
12 |
नियमों का पालन और अध्यक्ष का सम्मान |
| NeVA प्रणाली |
8 |
डिजिटल और पेपरलेस कामकाज का उपयोग |
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस पुरस्कार का मकसद उन जनप्रतिनिधियों को पहचान दिलाना है जो अपने काम के प्रति ईमानदार और समर्पित हैं। यह कदम विधायी कार्यों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और लोकतंत्र में लोगों के विश्वास को और मजबूत करने के लिए उठाया गया है। इस चयन प्रक्रिया में पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल और वरिष्ठ पत्रकार महेश के. शुक्ला जैसे दिग्गजों ने समिति के तौर पर भूमिका निभाई।