Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए ट्रैफिक की समस्या से निजात मिलने वाली है। दिल्ली सरकार ने 57.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रिंग रोड प्रोजेक्ट के पहले फेज के लिए Ashram से Mukarba Chowk तक के हिस्से को चुना है। लगभग 22 क
Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए ट्रैफिक की समस्या से निजात मिलने वाली है। दिल्ली सरकार ने 57.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रिंग रोड प्रोजेक्ट के पहले फेज के लिए Ashram से Mukarba Chowk तक के हिस्से को चुना है। लगभग 22 किलोमीटर लंबे इस हिस्से को सबसे आसान रास्ता माना गया है, जिससे काम तेजी से पूरा हो सकेगा।
Ashram-Mukarba Chowk सेक्शन को ही क्यों चुना गया?
PWD मंत्री Parvesh Verma के मुताबिक, इस हिस्से में रुकावटें कम हैं और रास्ता साफ है। घने बसे इलाकों के मुकाबले यहां काम करना आसान होगा, जिससे प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो पाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यहां अतिक्रमण कम है और इंजीनियरिंग का काम भी सरल है, जिससे आम जनता को निर्माण के दौरान कम परेशानी होगी और यात्रा का समय भी घटेगा।
प्रोजेक्ट की खास बातें और रूट का विवरण
इस नए कॉरिडोर को ‘Urban Ring Expressway’ कहा जा रहा है, जो महात्मा गांधी मार्ग यानी इनर रिंग रोड के ऊपर बनेगा। पूरे प्रोजेक्ट को छह फेज में बांटा गया है। पहले फेज के 22 किलोमीटर के हिस्से को तीन भागों में बांटा गया है:
- Mukarba Chowk (आजादपुर के पास) से Metcalf House तक।
- Majnu Ka Tila से Salimgarh Fort तक।
- Salimgarh Fort से DND flyover तक।
किन चुनौतियों का सामना करना होगा?
इस प्रोजेक्ट में कुछ तकनीकी मुश्किलें भी हैं। Kashmere Gate के पास रेड लाइन मेट्रो और ग्रेड सेपरेटर के साथ इस रोड को जोड़ना एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, यह रास्ता Salimgarh Fort जैसे तीन संरक्षित स्मारकों के पास से गुजरता है। सरकार ने भरोसा दिया है कि निर्माण के दौरान Archaeological Survey of India (ASI) के सभी नियमों का पालन किया जाएगा ताकि ऐतिहासिक धरोहरों को कोई नुकसान न पहुंचे।