Haryana: दिल्ली, गुरुग्राम और अलवर के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली-अलwar RRTS कॉरिडोर के काम को रफ्तार देने के लिए गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने कास्टिंग यार्ड के लिए जमीन देने की मंजूरी दे दी है। इस प्रो
Haryana: दिल्ली, गुरुग्राम और अलवर के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली-अलwar RRTS कॉरिडोर के काम को रफ्तार देने के लिए गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने कास्टिंग यार्ड के लिए जमीन देने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से आने वाले समय में इन शहरों के बीच यात्रा बहुत आसान और तेज हो जाएगी।
कास्टिंग यार्ड के लिए कितनी जमीन मिली और कहां बनेगा
नगर निगम ने डुंडाहेरा गांव के पास 0.1 हेक्टेयर जमीन को अस्थायी रूप से 5 साल के लिए सौंपने की मंजूरी दी है। यह जमीन National Capital Region Transport Corporation (NCRTC) ने मांगी थी ताकि वहां कास्टिंग यार्ड बनाया जा सके। अब इस मंजूरी को अंतिम क्लियरेंस के लिए केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय (ULB) विभाग के पास भेजा जाएगा।
क्या है दिल्ली-अलवर RRTS प्रोजेक्ट की खासियत
यह प्रोजेक्ट ‘नमो भारत’ सेमी-हाई स्पीड रेलवे नेटवर्क का हिस्सा है। इसकी कुल लंबाई 164 किलोमीटर है, जो दिल्ली, गुरुग्राम और राजस्थान के अलवर को आपस में जोड़ेगा। इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली-NCR के शहरी केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों का समय बचेगा।
अब तक की प्रक्रिया और आगे का रास्ता
- NCRTC ने नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में जमीन के लिए अनुरोध किया था।
- 9 जनवरी 2026 को मुख्य सचिव की बैठक में जमीन जल्द ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए थे।
- 11 मई 2026 को MCG हाउस की बैठक में इस पर विचार कर मंजूरी दी गई।
- अब हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार की अंतिम मुहर लगने का इंतजार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-अलवर RRTS कॉरिडोर की कुल लंबाई कितनी है
इस सेमी-हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर की कुल लंबाई 164 किलोमीटर है, जो दिल्ली, गुरुग्राम और अलवर को जोड़ेगा।
कास्टिंग यार्ड के लिए गुरुग्राम में कहां जमीन दी गई है
गुरुग्राम नगर निगम ने डुंडाहेरा गांव के पास 0.1 हेक्टेयर जमीन को 5 साल के लिए NCRTC को देने की मंजूरी दी है।