Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा आने वाली है। टर्मिनल 3 (T3) मेट्रो स्टेशन और टर्मिनल 2 (T2) को जोड़ने के लिए एक नया पैदल सबवे बनाया जा रहा है। इससे उन यात्रियों क
Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा आने वाली है। टर्मिनल 3 (T3) मेट्रो स्टेशन और टर्मिनल 2 (T2) को जोड़ने के लिए एक नया पैदल सबवे बनाया जा रहा है। इससे उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें भारी सामान के साथ एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक लंबा पैदल चलना पड़ता था।
सबवे बनने से कितना कम होगा पैदल रास्ता
फिलहाल यात्रियों को T3 और T2 के बीच करीब 750 मीटर पैदल चलना पड़ता है या फिर शटल बसों का सहारा लेना पड़ता है। सबवे तैयार होने के बाद यह दूरी घटकर सिर्फ 80 मीटर रह जाएगी। यानी पैदल चलने के रास्ते में लगभग 90% की कमी आएगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर आसान होगा।
कब तक पूरा होगा काम और क्या होंगी सुविधाएं
इस प्रोजेक्ट का काम शुरू हो चुका है और उम्मीद है कि यह 2026 के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। यह अंडरग्राउंड रास्ता पूरी तरह से क्लाइमेट-कंट्रोल्ड होगा, जिसमें एस्केलेटर लगाए जाएंगे। इससे बुजुर्गों, बच्चों और भारी सामान वाले यात्रियों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इसे बनाने के लिए ‘बॉक्स-पुशिंग मेथड’ का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि ट्रैफिक और ऊपर की इमारतों पर असर न पड़े।
किसे मिलेगी जिम्मेदारी और क्या है समझौता
यह प्रोजेक्ट दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के बीच एक समझौते के तहत बन रहा है। निर्माण और यूटिलिटी शिफ्टिंग का पूरा खर्च DIAL उठाएगा। वहीं, सबवे के संचालन, रखरखाव, बिजली, लिफ्ट, एस्केलेटर और CCTV जैसे सिस्टम की जिम्मेदारी DMRC की होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
T2 और T3 सबवे कब तक शुरू होगा?
यह पैदल सबवे 2026 के अंत तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है, जिसके बाद यात्री इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
सबवे बनने से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
यात्रियों को अब 750 मीटर के बजाय सिर्फ 80 मीटर चलना होगा। यह रास्ता एयर-कंडीशंड होगा और इसमें एस्केलेटर की सुविधा भी मिलेगी।