Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी और धूल की वजह से हवा की क्वालिटी खराब हो गई है। 27 अप्रैल 2026 को दिल्ली का AQI 222-223 के आसपास दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इस बीच दिल्ली सरकार ने प्रदूष
Delhi: राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी और धूल की वजह से हवा की क्वालिटी खराब हो गई है। 27 अप्रैल 2026 को दिल्ली का AQI 222-223 के आसपास दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इस बीच दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, जिससे अब वाहन मालिकों को अपने कागजात पूरे रखने होंगे वरना भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।
बिना PUC के नहीं मिलेगा ईंधन, क्या है नया नियम?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। 23 अप्रैल 2026 से यह नियम प्रभावी है, जिसके तहत जिस वाहन के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) नहीं होगा, उसे पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं दिया जाएगा। इस नियम को तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और वाहन को जब्त भी किया जा सकता है।
वायु प्रदूषण शमन कार्य योजना 2026 के मुख्य बिंदु
सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए एक नई कार्य योजना तैयार की है। इसके तहत 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल बीएस-VI, सीएनजी और इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को ही आने की अनुमति होगी। धूल कम करने के लिए सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपर, पानी के स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों की ऑनलाइन निगरानी होगी और नियम न मानने वाली फैक्ट्रियों को बंद किया जा सकता है।
मौसम का हाल और आने वाले दिनों की स्थिति
IMD ने पहले लू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसमें तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस तक गया। हालांकि, 27 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच पूर्वी हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिना PUC सर्टिफिकेट के गाड़ी में तेल भरवाने पर क्या होगा?
नियम के मुताबिक बिना वैध PUC के ईंधन नहीं मिलेगा और उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है या गाड़ी जब्त हो सकती है।
दिल्ली में मालवाहक वाहनों के लिए नया नियम क्या है?
1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।