Delhi: राजधानी में बढ़ते तापमान के बीच बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। AIIMS Delhi की पीडियाट्रिक्स प्रोफेसर डॉ. शेफली गुलाटी ने चेतावनी दी है कि हीटवेव यानी लू का असर बच्चों पर बड़ों के मुकाबले ज्यादा होता है। उ
Delhi: राजधानी में बढ़ते तापमान के बीच बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। AIIMS Delhi की पीडियाट्रिक्स प्रोफेसर डॉ. शेफली गुलाटी ने चेतावनी दी है कि हीटवेव यानी लू का असर बच्चों पर बड़ों के मुकाबले ज्यादा होता है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों की खास देखभाल करें ताकि उन्हें किसी गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े।
बच्चों को लू से बचाने के लिए क्या करें
डॉ. शेफली गुलाटी के मुताबिक, बच्चों को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है। उन्हें समय-समय पर पानी और तरल पदार्थ पिलाते रहें। साथ ही, बच्चों को सीधी धूप और बाहरी वातावरण से बचाकर रखें। उन्होंने विशेष रूप से सलाह दी है कि दोपहर के समय जब गर्मी सबसे ज्यादा होती है, तब बच्चों को बाहर खेलने या घूमने न भेजें।
दिल्ली के मौजूदा हालात और जोखिम
30 अप्रैल 2026 को दिल्ली का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन गर्मी का अहसास 36 डिग्री सेल्सियस जैसा था। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी जटिलताएं बढ़ सकती हैं, जिसके लिए सावधानी बरतना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हीटवेव के दौरान बच्चों का खास ख्याल क्यों जरूरी है?
AIIMS दिल्ली की एक्सपर्ट डॉ. शेफली गुलाटी के अनुसार, बच्चे गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उनमें स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं होने का खतरा ज्यादा रहता है।
डॉक्टर ने बच्चों के लिए क्या मुख्य सावधानियां बताई हैं?
बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाना, उन्हें सीधी धूप से बचाना और दोपहर की तेज गर्मी के दौरान बाहरी गतिविधियों को सीमित करना सबसे जरूरी है।