Delhi में 59वीं जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई को, 5 हजार महिलाएं खींचेंगी देवी सुभद्रा का रथ
Delhi: राजधानी दिल्ली के त्यागराज नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में 59वीं जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन 16 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इस साल की यात्रा की सबसे खास बात महिला शक्ति का प्रदर्शन होगा, जहां करीब 5,000 महिला श्रद्ध
Delhi: राजधानी दिल्ली के त्यागराज नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में 59वीं जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन 16 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इस साल की यात्रा की सबसे खास बात महिला शक्ति का प्रदर्शन होगा, जहां करीब 5,000 महिला श्रद्धालु देवी सुभद्रा के रथ ‘देवदलन’ को खींचेंगी। मंदिर प्रशासन ने इस आयोजन के जरिए महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता का संदेश देने की तैयारी की है।
दिल्ली-एनसीआर के इतिहास में पहली बार पुरी की परंपरा के अनुसार तीन अलग-अलग रथ निकाले जाएंगे, जिनमें महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के लिए नंदीघोष, श्रीबलभद्र के लिए तलध्वज और देवी सुभद्रा के लिए देवदलन रथ होगा। इस भव्य आयोजन में 50,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। मंदिर के उपाध्यक्ष देवानंद साहू और मानद महासचिव के. डी. बिस्वाल ने लोगों से इस महोत्सव में सहयोग और दान की अपील की है।
कार्यक्रम की शुरुआत 29 जून से तैयारी संबंधी गतिविधियों के साथ होगी। 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के अनावरसर के बाद पहली बार दर्शन देंगे, जिसे नेत्रोत्सव और नवयौवन दर्शन कहा जाता है। 16 जुलाई को सुबह 10:30 बजे ‘पाहंडी बीजे’ अनुष्ठान होगा, जिसके बाद दोपहर 1 बजे गजपति श्री सुधाकर मोहपात्र पारंपरिक ‘छेरा पहंरा’ रस्म पूरी करेंगे।
दोपहर 3 बजे रथ यात्रा त्यागराज स्टेडियम के मुख्य द्वार से शुरू होगी। यह यात्रा श्री जगन्नाथ मार्ग, विकास सदन चौराहा, आईएनए मार्केट, श्री अरविंदो मार्ग और आईएनए मेट्रो स्टेशन से होते हुए श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचेगी। यहां भगवान नौ दिनों तक विश्राम करेंगे। ओडिशा सरकार का संस्कृति विभाग इस दौरान कई सांस्कृतिक दलों को प्रायोजित करेगा, जो ओडिसी, कथक और संबलपुरी जैसे लोक नृत्यों की प्रस्तुति देंगे।
| तारीख | कार्यक्रम/अनुष्ठान |
|---|---|
| 15 जुलाई 2026 | नेत्रोत्सव और नवयौवन दर्शन |
| 16 जुलाई 2026 | मुख्य रथ यात्रा (पाहंडी बीजे और छेरा पहंरा) |
| 17-27 जुलाई 2026 | 11 दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव |
| 24 जुलाई 2026 | बहुदा यात्रा (वापसी यात्रा) |
| 25 जुलाई 2026 | सुना बेसा (स्वर्ण आभूषण धारण) |
| 26 जुलाई 2026 | आधार पाना (पवित्र भेंट) |
| 27 जुलाई 2026 | मंदिर के गर्भगृह में पुनः प्रवेश |
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, पीने के पानी और निःशुल्क अन्न प्रसाद वितरण की पूरी व्यवस्था की है। बच्चों और महिलाओं के लिए संगीत, चित्रकला और भक्ति आधारित प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।