Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) शहर में रहने और काम करने के तरीके को बदलने जा रहा है। DDA ने मेट्रो कॉरिडोर के पास 14 जमीन के टुकड़ों की पहचान की है, जहाँ ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के तहत नए मकान और दुकानें ब
Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) शहर में रहने और काम करने के तरीके को बदलने जा रहा है। DDA ने मेट्रो कॉरिडोर के पास 14 जमीन के टुकड़ों की पहचान की है, जहाँ ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के तहत नए मकान और दुकानें बनाई जाएंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पास मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट करना है ताकि लोगों को घर और ऑफिस के लिए ज्यादा दूर न जाना पड़े।
इन इलाकों में होगी नई बसावट और विकास
DDA ने जिन 14 प्लॉट की पहचान की है, वे ब्लू, रेड, ग्रीन, पिंक और येलो मेट्रो लाइनों के पास स्थित हैं। पूर्वी दिल्ली में दिलशाद गार्डन, झिलमिल, प्रीत विहार, कड़कड़डूमा और मंडावली जैसे 6 स्थल शामिल हैं। इसके अलावा द्वारका के सेक्टर 10 और 12 में 3 प्लॉट, रोहिणी के सेक्टर 18 और 19 में 2 आवासीय प्लॉट और मादीपुर, पीरागढ़ी व रोहतक रोड के इलाकों को चुना गया है। ये प्लॉट कुल 3 लाख से 3.6 लाख वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैले हुए हैं।
क्या हैं नए नियम और घर बनाने की शर्तें
नई नीति के तहत अब कम से कम 2,000 वर्ग मीटर के प्लॉट पर भी विकास कार्य हो सकेगा, जिसे पहले 10,000 वर्ग मीटर रखा गया था। यहाँ बनने वाले कुल घरों में से कम से कम 65% हिस्सा किफायती आवास (Affordable Housing) के लिए होगा, जिनका साइज 100 वर्ग मीटर से कम होगा। साथ ही, कम से कम 10% हिस्सा दुकानों और सामाजिक सुविधाओं के लिए और 10% हिस्सा खुले या हरे मैदानों के लिए रखना जरूरी होगा।
डेवलपर्स के लिए क्या सुविधा होगी
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने निर्देश दिए हैं कि इन सभी प्लॉट की जानकारी एक ऑनलाइन पोर्टल पर डाली जाए। इससे निजी डेवलपर्स आसानी से प्रोजेक्ट प्रस्ताव भेज सकेंगे। सरकार ने इसके लिए ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम’ शुरू किया है ताकि मंजूरी मिलने में देरी न हो। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि इस नई नीति से जमीन का सही इस्तेमाल होगा और शहर में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
TOD योजना के तहत घर और दुकान कहाँ बनेंगे?
यह विकास मेट्रो लाइनों के केंद्र से 500 मीटर के दायरे में होगा। फिलहाल ब्लू, रेड, ग्रीन, पिंक और येलो लाइन के पास दिलशाद गार्डन, द्वारका, रोहिणी और पीरागढ़ी जैसे इलाकों में 14 प्लॉट तय किए गए हैं।
किफायती आवास के लिए क्या नियम हैं?
नियम के मुताबिक, कुल निर्मित क्षेत्र का कम से कम 65% हिस्सा छोटे घरों (100 वर्ग मीटर से कम) के लिए आरक्षित रखना होगा, जिसमें स्टूडियो अपार्टमेंट और गेस्ट हाउस भी शामिल हो सकते हैं।