Delhi के यमुना बाजार में DDA का बड़ा एक्शन, एक ही दिन में ढहाए गए 32 घाट
Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यमुना बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए गुरुवार, 25 जून 2026 को एक बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान DDA ने एक ही दिन में कुल 32 घाटों को खाली कराने का लक्ष्य रखा। इस दौरान इलाक
Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यमुना बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए गुरुवार, 25 जून 2026 को एक बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान DDA ने एक ही दिन में कुल 32 घाटों को खाली कराने का लक्ष्य रखा। इस दौरान इलाके में काफी अफरा-तफरी का माहौल रहा और भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
यह पूरी कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के बाद की गई है। NGT ने DDA को यमुना के बाढ़ क्षेत्र (Floodplain) से सभी तरह के अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था। प्रशासन का कहना है कि यमुना बाजार ‘O-Zone’ में आता है, जहां किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत नोटिस जारी किए थे, जिसमें बताया गया था कि बाढ़ के खतरे के कारण यहां रहना जोखिम भरा है।
इस अभियान से करीब 80 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें लगभग 1,100 लोग रहते थे और करीब 310 आवासीय ढांचे ढहाए गए। इनमें से कई लोग नाविक हैं या पूजा-पाठ से जुड़े काम करते हैं और अपनी रोजी-रोटी के लिए यमुना पर निर्भर हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, प्रभावित परिवारों को दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) के रैन बसेरों में अस्थायी शरण लेने की सुविधा दी गई है।
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्षेत्र का दौरा किया और बताया कि मजनू का टीला से पुराने रेलवे ब्रिज (ORB) तक 4.72 किलोमीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इस दीवार का काम अगले मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य है ताकि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। वहीं, सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट (CHD) जैसे सामाजिक संगठनों ने गरीब परिवारों को विस्थापित करने पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों ने भी दुख जताया कि कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ रहा है।