Delhi: दक्षिण दिल्ली के आलीशान इलाके सैनिक फार्म में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बृहस्पतिवार सुबह तड़के करीब 5 बजे डीडीए की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध रूप
Delhi: दक्षिण दिल्ली के आलीशान इलाके सैनिक फार्म में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बृहस्पतिवार सुबह तड़के करीब 5 बजे डीडीए की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध रूप से बने फार्महाउसों को गिराने की प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र पश्चिमी एवेन्यू रहा, जहां दो बड़े आवासीय भूखंडों पर बने निर्माणों को हटाया गया है।
DDA की इस कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजह क्या है?
डीडीए के अधिकारियों के अनुसार, यह तोड़फोड़ अभियान तिलपत घाटी जैव विविधता उद्यान और मैदानगढ़ी गांव में स्थित पारिस्थितिक संपदा की सुरक्षा के लिए चलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन सरकारी है और इस पर अतिक्रमण कर फार्महाउस बना लिए गए थे। इस अभियान के दौरान किसी भी विरोध से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया कराया था।
- कार्रवाई का समय: 9 अप्रैल 2026, सुबह 5 बजे से अभियान शुरू हुआ।
- कुल कार्रवाई: डीडीए ने लगभग 23 फार्महाउसों के अवैध हिस्सों को निशाना बनाया।
- सुरक्षा व्यवस्था: कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती रही।
- प्रभावित क्षेत्र: मुख्य रूप से पश्चिमी एवेन्यू, सैनिक फार्म और मैदानगढ़ी गांव।
स्थानीय लोगों और WARWA अध्यक्ष का क्या दावा है?
वेस्टर्न एवेन्यू रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (WARWA) के अध्यक्ष हरदीप सिंह भल्ला ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीडीए ने कोर्ट के स्थगन आदेश की अवहेलना की है और यह कार्रवाई पूरी तरह अवैध है। भल्ला का कहना है कि यह जमीन निजी है और डीडीए ने अभी तक इस खसरा संख्या का कोई स्पष्ट सीमांकन भी नहीं किया है।
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार की नीति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक तरफ केंद्र सरकार 1,521 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की योजना ला रही है, वहीं दूसरी तरफ डीडीए लोगों के घरों पर बुलडोजर चला रहा है। इस कार्रवाई के बाद से इलाके के निवासियों में काफी डर और रोष का माहौल है, हालांकि पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ है।