Airports पर निकोटीन पाउच बेचने को लेकर Adani Group और सरकार में ठनी, Customs विभाग भी कूदा
Maharashtra: मुंबई एयरपोर्ट पर निकोटीन पाउच की बिक्री को लेकर Adani Group और भारत सरकार के बीच कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। अब देश के Customs विभाग ने भी स्वास्थ्य मंत्रालय का साथ दिया है। Customs का कहना है कि एयरपोर्ट की
Maharashtra: मुंबई एयरपोर्ट पर निकोटीन पाउच की बिक्री को लेकर Adani Group और भारत सरकार के बीच कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। अब देश के Customs विभाग ने भी स्वास्थ्य मंत्रालय का साथ दिया है। Customs का कहना है कि एयरपोर्ट की ड्यूटी-फ्री दुकानों को केवल टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन वे देश के अन्य नियमों से ऊपर नहीं हैं।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मार्च 2026 में स्वास्थ्य अधिकारियों ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जांच की और वहां निकोटीन पाउच की बिक्री को अवैध पाया। इसके बाद अप्रैल में ड्रग्स कंट्रोलर ने साफ किया कि निकोटीन पाउच एक ड्रग की श्रेणी में आते हैं और इन्हें बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और इम्पोर्ट लाइसेंस होना जरूरी है।
Adani Group ने कोर्ट में दलील दी कि उनकी ड्यूटी-फ्री दुकानें इंटरनेशनल डिपार्चर एरिया में हैं, इसलिए वहां घरेलू कानून लागू नहीं होते। कंपनी का यह भी कहना था कि निकोटीन पाउच कोई ड्रग नहीं हैं और यह एक नया इनोवेशन है। हालांकि, सरकार ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि एयरपोर्ट भारतीय जमीन पर है और निकोटीन एक नशीला केमिकल है, जिससे पब्लिक हेल्थ को खतरा हो सकता है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
| तारीख | महत्वपूर्ण घटना |
|---|---|
| मार्च 2026 | मुंबई एयरपोर्ट पर निकोटीन पाउच की बिक्री अवैध पाई गई |
| 2 अप्रैल 2026 | कस्टम्स को पत्र भेजकर निकोटीन पाउच को ड्रग बताया गया |
| 22 जून 2026 | Customs ने कोर्ट में कहा कि ड्यूटी-फ्री दुकानों को नियमों से छूट नहीं है |
| 13 जुलाई 2026 | Adani Group और सरकार ने कोर्ट में अपने तर्क पेश किए |
| 16 जुलाई 2026 | Customs विभाग आधिकारिक तौर पर स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ कानूनी लड़ाई में शामिल हुआ |
Customs विभाग ने मुंबई हाई कोर्ट में अपनी फाइलिंग में साफ कहा कि सामान का टैक्स फ्री होना उसे रेगुलेटरी कंट्रोल से बाहर नहीं करता। विभाग का मानना है कि यात्री इन पाउच को लेने के बाद कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं, इसलिए इन्हें रोकना जरूरी है। इस मामले की अगली सुनवाई मुंबई हाई कोर्ट में होनी है।