UP, Himachal और Maharashtra में राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का प्रदर्शन, लखनऊ में निकाली ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’
UP/Lucknow: राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे को लेकर उपजे विवाद के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। 7 जुलाई 2026 को लखनऊ में बेगम हजरत महल पार्क से हनुमान सेतु मंदिर तक ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ निकाली
UP/Lucknow: राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे को लेकर उपजे विवाद के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। 7 जुलाई 2026 को लखनऊ में बेगम हजरत महल पार्क से हनुमान सेतु मंदिर तक ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ निकाली गई। शाम 4 बजे शुरू हुई इस पदयात्रा के जरिए पार्टी ने मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हाई कोर्ट के किसी मौजूदा जज से कराई जाए। पार्टी का कहना है कि ट्रस्ट को तुरंत भंग कर देना चाहिए और इसकी पूरी जिम्मेदारी चारों शंकराचार्यों और राम मंदिर के सम्मानित महंतों को सौंपनी चाहिए। लखनऊ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के भदोही जैसे अन्य जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसी तरह की पदयात्राएं निकालीं।
यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में भी देखा गया। हिमाचल के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में शिमला में इंदिरा गांधी खेल परिसर से राम बाजार तक प्रदर्शन हुआ। मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा पर राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि दान चोरी करने वाले असल में भक्तों की आस्था चुरा रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र में नासिक के कालाराम मंदिर से राज्यव्यापी ‘सत्याग्रह’ की शुरुआत की गई, जिसमें भाजपा और आरएसएस पर आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस नेताओं ने कड़े बयान दिए हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में दान की गिनती में गड़बड़ी की बात सामने आई है। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत के दबाव के कारण जांच निष्पक्ष नहीं हो पा रही है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा और नृपेंद्र मिश्रा समेत पांच लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
दूसरी तरफ, भाजपा और मंदिर ट्रस्ट ने इन आरोपों को गलत बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि एसआईटी पूरी पारदर्शिता से जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा कि सभी रिकॉर्ड सुरक्षित हैं और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। फिलहाल यूपी सरकार की तीन सदस्यीय एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई 2026 तक आने की उम्मीद है। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।