Delhi: कांग्रेस नेता Meenakshi Natarajan का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद दिल्ली में सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च निकाला ताकि राष्ट्रपति Droupadi Murmu से मिलकर अपनी ब
Delhi: कांग्रेस नेता Meenakshi Natarajan का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद दिल्ली में सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च निकाला ताकि राष्ट्रपति Droupadi Murmu से मिलकर अपनी बात रख सकें, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें 24 Akbar Road के पास ही रोक दिया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी काफी गुस्से में है और इसे लोकतंत्र की हत्या बता रही है।
Meenakshi Natarajan का नामांकन क्यों हुआ रद्द
रिटर्निंग ऑफिसर Arvind Sharma ने बताया कि Meenakshi Natarajan का नामांकन फॉर्म 26 में अधूरे हलफनामे और तथ्यों को छिपाने की वजह से रद्द किया गया। आरोप है कि उन्होंने तेलंगाना की एक अदालत में चल रहे आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी। बीजेपी नेता राहुल कोठारी ने इस पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला आपराधिक नहीं था, इसलिए इसे बताना जरूरी नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग तक पहुंची लड़ाई
इस मामले में कांग्रेस ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया और K.C. Venugopal, Jairam Ramesh और Sachin Pilot जैसे बड़े नेताओं ने वहां धरना दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा, लेकिन 12 जून 2026 को कोर्ट ने Meenakshi Natarajan की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया जारी है, इसलिए इस समय सुनवाई नहीं की जा सकती।
जंतर-मंतर पर सत्याग्रह और प्रदर्शन
सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद कांग्रेस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘सत्याग्रह’ शुरू किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari ने भी नेताओं और विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मिलने की कोशिश की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बीजेपी जानबूझकर लोकतंत्र को दबाने और राज्यसभा सीट हासिल करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Meenakshi Natarajan का राज्यसभा नामांकन क्यों रद्द किया गया?
रिटर्निंग ऑफिसर के मुताबिक, उन्होंने अपने नामांकन हलफनामे (Form 26) में तेलंगाना कोर्ट के एक मामले की जानकारी छिपाई थी, जिसे तथ्यों को छिपाना माना गया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया?
सुप्रीम कोर्ट ने 12 जून 2026 को Meenakshi Natarajan की याचिका को खारिज कर दिया क्योंकि चुनाव प्रक्रिया पहले से चल रही थी।