Lucknow में सीएम योगी ने निकाली तिरंगा यात्रा, राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने वालों को दी चेतावनी
Lucknow: राजधानी लखनऊ में 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया, जिसमें करीब 30 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया। यह आयोजन काकोरी ट्रेन एक्शन की
Lucknow: राजधानी लखनऊ में 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया, जिसमें करीब 30 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया। यह आयोजन काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं बरसी के मौके पर किया गया, जहां सीएम योगी ने युवाओं की देशभक्ति और ताकत पर जोर दिया।
रैली के दौरान सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा कि भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय प्रतीकों, महान हस्तियों या राष्ट्रगान का अपमान नहीं कर सकता। उन्होंने साफ किया कि तिरंगे, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति किसी भी तरह की अनादर की बात सोचना भी गलत है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों की सराहना की और बताया कि फ्लैग कोड में बदलाव के बाद अब हर घर में तिरंगा फहराना आसान हो गया है।
देशभक्ति की इस मुहिम के साथ ही अब राष्ट्रीय प्रतीकों की सुरक्षा के लिए कानून भी सख्त हो गए हैं। केंद्र सरकार ने 8 अगस्त 2026 को ‘Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Act, 2026’ को अधिसूचित किया है। इस नए कानून के तहत अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करना या उसे गाने में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध होगा। इससे पहले यह बिल 30 जुलाई 2026 को राज्यसभा में पास हुआ था।
नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज, संविधान या राष्ट्रगान का अपमान करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। विशेष रूप से वंदे मातरम के अपमान पर भी अब यही सख्त कानूनी कार्रवाई लागू होगी। कानून में यह भी साफ है कि तिरंगे को तकिए, रुमाल या कपड़ों के तौर पर इस्तेमाल करना या उसे गलत तरीके से प्रदर्शित करना अपराध की श्रेणी में आएगा। दूसरी बार गलती दोहराने पर कम से कम एक साल की जेल की सजा का प्रावधान है।