UP: कन्नौज जिले के छिबरामऊ में वकीलों ने लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छिबरामऊ बार एसोसिएशन के सदस्यों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। वकीलों का कहना
UP: कन्नौज जिले के छिबरामऊ में वकीलों ने लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छिबरामऊ बार एसोसिएशन के सदस्यों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। वकीलों का कहना है कि लखनऊ में पुलिस की कार्रवाई बर्बर थी और अब पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए कानून बनना चाहिए।
वकीलों ने प्रशासन से क्या मांगें की हैं
छिबरामऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और महासचिव पंकज मिश्रा के नेतृत्व में वकीलों ने राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- उत्तर प्रदेश में जल्द से जल्द एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
- लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़ने और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को नौकरी से निकाला जाए।
- दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- जिन वकीलों के चैंबर हटाए गए हैं, उन्हें तुरंत दूसरी जगह दी जाए।
लखनऊ में क्यों हुआ था लाठीचार्ज
यह पूरा विवाद लखनऊ के कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर से शुरू हुआ। 17 मई 2026 को नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया था, जिसमें कुछ अवैध चैंबरों को हटाया गया। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना के विरोध में लखनऊ के वकीलों ने 21 मई से 26 मई 2026 तक सामूहिक अवकाश की घोषणा की है।
प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर क्या है सरकारी स्थिति
वकीलों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सितंबर 2023 में एक तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। इस समिति का काम एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट का मसौदा तैयार करना है। इस कमेटी की अध्यक्षता विधि विभाग के प्रमुख सचिव कर रहे हैं और इसमें बार काउंसिल का प्रतिनिधि भी शामिल है। यूपी बार काउंसिल के उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय ने भी इस एक्ट को लागू कराने के प्रयासों की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
छिबरामऊ में वकीलों ने प्रदर्शन क्यों किया
लखनऊ के सिविल कोर्ट परिसर में 17 मई 2026 को पुलिस द्वारा वकीलों पर किए गए लाठीचार्ज और उनके चैंबर तोड़ने की घटना के विरोध में छिबरामऊ बार एसोसिएशन ने प्रदर्शन किया।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट क्या है
यह एक प्रस्तावित कानून है जिसका उद्देश्य अधिवक्ताओं को उनके पेशेवर कार्यों के दौरान सुरक्षा प्रदान करना है। यूपी सरकार ने इसके मसौदे के लिए सितंबर 2023 में एक समिति गठित की थी।