Chhattisgarh के कारोबारी से 1.60 करोड़ की ठगी, दिल्ली से 3 आरोपी गिरफ्तार, नाइजीरियाई नेटवर्क का खुलासा

Chhattisgarh/Durg: बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर एक कारोबारी से 1.60 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में दुर्ग पुलिस ने दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि इस पूरी ठगी क

Chhattisgarh/Durg: बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर एक कारोबारी से 1.60 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में दुर्ग पुलिस ने दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि इस पूरी ठगी के पीछे एक नाइजीरियाई साइबर नेटवर्क का हाथ था, जो भारतीय बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहा था।

ठगों ने दुर्ग के एक कारोबारी को झांसा दिया कि वे बीमा लोकपाल अधिकारी हैं और उसकी बीमा पॉलिसी की राशि वापस दिलाने में मदद करेंगे। रिफंड के नाम पर उन्होंने कारोबारी से अलग-अलग किस्तों में करीब 1.60 करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। जब पैसे वापस नहीं मिले, तब पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई।

रेंज साइबर थाना दुर्ग पुलिस की टीम ने तकनीकी जांच के बाद दिल्ली में दबिश दी और तीन आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मनमीत सिंह (42 वर्ष), ईशांत माहे उर्फ ईशु (37 वर्ष) और अमनदीप सिंह (33 वर्ष) हैं। इन आरोपियों को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर दुर्ग लाया गया है।

विवरण जानकारी
गिरफ्तार आरोपी मनमीत सिंह, ईशांत माहे, अमनदीप सिंह
ठगी की राशि 1.60 करोड़ रुपये
बरामद सामान 3 मोबाइल, 6 पासबुक, 4 चेकबुक, सिम कार्ड
विदेशी कनेक्शन नाइजीरियाई साइबर ठगी नेटवर्क
गिरफ्तारी की जगह दिल्ली
जांच एजेंसी रेंज साइबर थाना दुर्ग पुलिस

एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं और इनके खिलाफ कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इस विदेशी नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

पुलिस ने आम लोगों को सलाह दी है कि बीमा पॉलिसी रिफंड, KYC अपडेट या निवेश के नाम पर आने वाले किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। बिना पूरी जांच के किसी भी अनजान खाते में पैसे न भेजें। अगर आपके साथ ऐसी कोई धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।