Chandigarh: केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में शासन और कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 6 मई 2026 को जारी नोटिफिकेशन के जरिए पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 के तहत पांच राज्य कानूनों को चंडीगढ़
Chandigarh: केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में शासन और कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 6 मई 2026 को जारी नोटिफिकेशन के जरिए पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 के तहत पांच राज्य कानूनों को चंडीगढ़ में लागू कर दिया गया है। इन बदलावों का मकसद शहर में पारदर्शिता लाना और लोगों के रहने व बिजनेस करने के तरीके को आसान बनाना है। हालांकि, इन सुधारों के विरोध में District Bar Association, Chandigarh ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
कौन से नए कानून लागू हुए और क्या बदलेंगे नियम
केंद्र सरकार ने पंजाब, हरियाणा और असम के कानूनों को चंडीगढ़ में लागू किया है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव किरायेदारी नियमों में हुआ है, जहां अब Assam Tenancy Act, 2021 लागू होगा। इसके अलावा, प्रॉपर्टी की सही कीमत तय करने और स्टैंप ड्यूटी वसूलने के लिए पंजाब के दो संशोधन अधिनियम (2001 और 2003) लाए गए हैं। साथ ही, पंजाब के ‘अबादी देह’ कानून से अब उन रिहायशी इलाकों के मालिकाना हक का रिकॉर्ड रखा जाएगा जो पहले औपचारिक कागजों में नहीं थे।
फायर सेफ्टी और ह्यूमन स्मगलिंग पर सख्ती
शहर की सुरक्षा के लिए अब Haryana Fire and Emergency Services Act, 2022 लागू होगा, जिसने पुराने दिल्ली फायर एक्ट की जगह ली है। अब हाई-राइज इमारतों के लिए नियम सख्त होंगे, लेकिन फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैलिडिटी बढ़ जाएगी और मंजूरी की प्रक्रिया सरल होगी। वहीं, अवैध प्रवास और मानव तस्करी को रोकने के लिए Punjab Prevention of Human Smuggling Act, 2012 और उसके 2014 के संशोधन को लागू किया गया है, जिससे अब ट्रैवल एजेंटों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
आम जनता पर क्या होगा असर
इन नए कानूनों से चंडीगढ़ के निवासियों को अब प्रॉपर्टी के कागजात और किराये के समझौतों में ज्यादा स्पष्टता मिलेगी। रेंट एग्रीमेंट अब औपचारिक होंगे और विवादों का निपटारा समय सीमा के अंदर होगा। फायर सेफ्टी के नए नियमों से इमारतों में सुरक्षा बढ़ेगी और बिजनेस करने वालों को कागजी कार्रवाई में कम परेशानी होगी। सरकार का कहना है कि चूंकि चंडीगढ़ की अपनी कोई विधानसभा नहीं है, इसलिए राज्यों के कानूनों को अपनाना एक सामान्य प्रक्रिया है ताकि प्रशासन बेहतर ढंग से चल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किरायेदारों और मकान मालिकों के लिए क्या बदलाव आया है?
अब असम टेनेंसी एक्ट 2021 लागू होगा, जिसमें औपचारिक रेंट एग्रीमेंट, स्पष्ट अधिकार और समयबद्ध विवाद निपटान की व्यवस्था है। लीज खत्म होने के बाद भी रुकने वाले किरायेदारों पर भारी जुर्माना लग सकता है।
फायर सेफ्टी के नए नियम क्या हैं?
हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट 2022 के तहत अब रिस्क-आधारित सुरक्षा व्यवस्था होगी। इसमें हाई-राइज बिल्डिंग्स के लिए सख्त मानक होंगे, लेकिन सर्टिफिकेट की वैलिडिटी बढ़ जाएगी और मंजूरी प्रक्रिया आसान होगी।