Chandigarh: चंडीगढ़ में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने शहर के प्रशासन को आधुनिक बनाने और नियमों को आसान करने के लिए पांच अलग-अलग राज्यों के कानूनों को चंडीगढ़ में भी लागू कर दिया है। गृह मंत्रालय (MH
Chandigarh: चंडीगढ़ में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने शहर के प्रशासन को आधुनिक बनाने और नियमों को आसान करने के लिए पांच अलग-अलग राज्यों के कानूनों को चंडीगढ़ में भी लागू कर दिया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने 6 मई 2026 को इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इन नए सुधारों का मकसद शहर में पारदर्शिता बढ़ाना, जमीन के विवादों को कम करना और कारोबार करने के तरीके को सरल बनाना है।
किन 5 राज्यों के कानूनों को चंडीगढ़ में मिली मंजूरी?
केंद्र सरकार ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 का इस्तेमाल करते हुए इन कानूनों को लागू किया है। इसमें पंजाब के तीन कानून, हरियाणा का एक और असम का एक कानून शामिल है। पंजाब से स्टाम्प ड्यूटी संशोधन एक्ट और मानव तस्करी रोकने वाला कानून लिया गया है। वहीं हरियाणा का फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट और असम का किरायेदारी कानून (Assam Tenancy Act) अब चंडीगढ़ में भी प्रभावी होगा। चूंकि चंडीगढ़ की अपनी विधानसभा नहीं है, इसलिए यहां दूसरे राज्यों के बेहतर कानूनों को अपनाकर व्यवस्था सुधारी जाती है।
आम जनता के जीवन पर क्या असर पड़ेगा?
इन बदलावों से आम लोगों को कई बड़ी राहतें मिलेंगी। असम टेनेंसी एक्ट लागू होने से अब मकान मालिक और किरायेदार के बीच लिखित एग्रीमेंट और साफ सुथरे नियम होंगे, जिससे पुराने चले आ रहे विवाद खत्म होंगे। इसके अलावा पंजाब आबादी देह कानून से उन इलाकों में जमीन का मालिकाना हक तय हो सकेगा जिनका रिकॉर्ड पहले सरकारी कागजों में नहीं था। वहीं ट्रेवल एजेंटों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, जिससे विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी पर लगाम लगेगी। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता अब ज्यादा समय के लिए होगी, जिससे बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चंडीगढ़ में किरायेदारी के नियमों में क्या बदलाव हुआ है?
अब यहां असम टेनेंसी एक्ट 2021 लागू होगा, जो पुराने एक्ट की जगह लेगा। इसके तहत मकान मालिक और किरायेदार के बीच औपचारिक समझौता होगा और विवाद सुलझाने के लिए समय सीमा तय की जाएगी।
ट्रेवल एजेंटों के लिए क्या नए नियम हैं?
पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट के तहत अब चंडीगढ़ के ट्रेवल एजेंटों को लाइसेंस लेना होगा और प्रशासन उन पर कड़ी नजर रखेगा ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।
जमीन की रजिस्ट्री और मालिकाना हक पर क्या फर्क पड़ेगा?
पंजाब आबादी देह कानून के जरिए उन रिहायशी इलाकों का सर्वे कर रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा जो अब तक कागजों में दर्ज नहीं थे, इससे प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी।