Maharashtra: केंद्र सरकार ने Bombay High Court को बताया है कि Agnipath स्कीम के तहत आने वाले Agniveers को regular सैनिकों के बराबर सर्विस बेनिफिट्स नहीं मिल सकते। सरकार का कहना है कि अग्निवीरों का कार्यकाल सिर्फ 4 साल का
Maharashtra: केंद्र सरकार ने Bombay High Court को बताया है कि Agnipath स्कीम के तहत आने वाले Agniveers को regular सैनिकों के बराबर सर्विस बेनिफिट्स नहीं मिल सकते। सरकार का कहना है कि अग्निवीरों का कार्यकाल सिर्फ 4 साल का होता है, इसलिए उन्हें फैमिली पेंशन देने का कोई प्रावधान नहीं है। यह मामला एक शहीद अग्निवीर की मां द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है।
क्यों नहीं मिलेगी अग्निवीरों को फैमिली पेंशन?
केंद्र सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि अग्निवीर और नियमित सैनिक एक समान स्थिति में नहीं हैं। नियमित सैनिकों की पेंशन उनकी लंबी सर्विस से जुड़ी होती है, जबकि अग्निवीरों की नियुक्ति केवल 4 साल के लिए की जाती है। सरकार के मुताबिक, यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों को देखते हुए लिया गया है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत वैध है।
शहीद Murali Naik के परिवार को क्या मिला?
यह याचिका Jyotibai Naik ने दायर की थी, जिनके बेटे Murali Naik मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के ‘Operation Sindoor’ के दौरान सीमा पार से हुई गोलीबारी में शहीद हो गए थे। सरकार ने कोर्ट को बताया कि परिवार को Agnipath स्कीम के तहत मिलने वाले सभी वित्तीय लाभ दे दिए गए हैं।
- कुल भुगतान: लगभग ₹2.3 करोड़ (बीमा और मुआवजे सहित)
- अंतिम संस्कार: पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ किया गया
- अन्य लाभ: कमांडिंग ऑफिसर की ओर से शोक पत्र दिया गया
Agnipath स्कीम के नियम क्या हैं?
जून 2022 में शुरू हुई इस स्कीम के तहत युवाओं को 4 साल के लिए भर्ती किया जाता है, जिसमें 6 महीने की ट्रेनिंग और साढ़े तीन साल की एक्टिव सर्विस होती है। सेवा पूरी होने पर 25% अग्निवीरों को स्थायी रूप से सेना में शामिल होने का मौका मिल सकता है। बाकी लोगों को ‘Seva Nidhi’ के रूप में करीब ₹11.71 लाख की एकमुश्त राशि मिलती है और ₹48 लाख का जीवन बीमा कवर दिया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Agniveers को regular सैनिकों के समान लाभ क्यों नहीं मिल रहे हैं?
केंद्र सरकार के अनुसार, अग्निवीरों का कार्यकाल केवल 4 साल का होता है, जबकि नियमित सैनिकों की सर्विस लंबी होती है। पेंशन और अन्य लाभ लंबी सेवा से जुड़े होते हैं, इसलिए दोनों की तुलना नहीं की जा सकती।
शहीद अग्निवीर के परिवार को कितनी आर्थिक मदद मिली?
शहीद Murali Naik की मां Jyotibai Naik को बीमा कवर और मुआवजे सहित कुल ₹2.3 करोड़ की राशि दी गई है।