Haryana: केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि यमुना नदी के दिल्ली में प्रवेश करने से पहले उसमें गिरने वाले सभी नालों की पूरी तरह सफाई की जाए। सरकार का मुख्य फोकस प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही रोकना है त
Haryana: केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि यमुना नदी के दिल्ली में प्रवेश करने से पहले उसमें गिरने वाले सभी नालों की पूरी तरह सफाई की जाए। सरकार का मुख्य फोकस प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही रोकना है ताकि दिल्ली तक पहुँचने वाला पानी साफ हो। इसके लिए एक समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार किया गया है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हरियाणा से कोई भी बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी नदी में न मिले।
हरियाणा सरकार को क्या करने के निर्देश मिले हैं
केंद्रीय गृह मंत्री और गृह सचिव ने हरियाणा को निर्देश दिया है कि यमुना में गिरने वाले सभी नालों और उप-नालों की ड्रोन मैपिंग की जाए। इसके जरिए पानी के बहाव और उसकी क्वालिटी की रियल-टाइम निगरानी होगी ताकि प्रदूषण फैलाने वाले हॉटस्पॉट्स की पहचान हो सके। साथ ही, गंदे पानी में मौजूद Biological Oxygen Demand (BOD) के स्तर को 106 mg/L से घटाकर 30 mg/L तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नए Sewage Treatment Plants (STPs) और CETPs लगाने का रोडमैप तैयार करना होगा।
प्रदूषण रोकने के लिए क्या है समय सीमा और लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने लक्ष्य रखा है कि साल 2027 के अंत तक नदी में एक बूंद भी बिना ट्रीट किया हुआ पानी नहीं बहेगा। वहीं, सभी नालों के बहाव को तय मानकों के अनुरूप लाने की डेडलाइन 2026 तय की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना की सफाई पर जोर देते हुए STPs की क्षमता को 2028 तक 1,500 MGD तक बढ़ाने की बात कही है। विशेष रूप से ड्रेन नंबर 1, 2 और 3 पर तुरंत काम करने और ड्रेन नंबर 8 के डेटा की बारीकी से जांच करने को कहा गया है।
दिल्ली और हरियाणा के बीच विवाद और समाधान
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ बैठक करेंगे। हरियाणा का आरोप है कि दिल्ली से भी करीब 211 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी हरियाणा की तरफ यमुना में बहता है। दूसरी तरफ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के चेयरमैन जे. गणेशन ने बताया कि कुछ औद्योगिक इकाइयां खर्च बचाने के लिए अपने ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चला रही हैं और गंदा पानी सीधे नदी या गांव के तालाबों में डाल रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना की सफाई के लिए हरियाणा को क्या डेडलाइन दी गई है?
हरियाणा को 2026 तक सभी नालों के बहाव को तय मानकों के अनुसार लाने का निर्देश दिया गया है, जबकि 2027 के अंत तक पूरी तरह से बिना ट्रीट किए पानी को नदी में गिरने से रोकने का लक्ष्य है।
पानी की शुद्धता मापने के लिए BOD का क्या लक्ष्य है?
सरकार ने निर्देश दिया है कि गंदे पानी के BOD लेवल को लगभग 106 mg/L से घटाकर 30 mg/L तक लाया जाए ताकि पानी कम प्रदूषित हो।