Mumbai: Central Railway पर टिकटों की अवैध बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 2000 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

Maharashtra: मुंबई के Central Railway पर टिकटों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ RPF ने सख्त एक्शन लिया है। एक RTI से पता चला है कि पिछले 5 सालों में अवैध टिकट बिक्री के 1,600 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं, जिसमें एजेंट

Maharashtra: मुंबई के Central Railway पर टिकटों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ RPF ने सख्त एक्शन लिया है। एक RTI से पता चला है कि पिछले 5 सालों में अवैध टिकट बिक्री के 1,600 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं, जिसमें एजेंटों और दलालों समेत 2,000 से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया है।

यह कार्रवाई जनवरी 2022 से जून 2026 के बीच की गई है। इस दौरान RPF ने करोड़ों रुपये के अवैध टिकट जब्त किए हैं। इनमें ई-टिकटों की संख्या काफी ज्यादा है, जिससे पता चलता है कि अब कालाबाजारी डिजिटल तरीके से ज्यादा हो रही है। सबसे ज्यादा केस साल 2024 में दर्ज हुए, जब 502 मामले सामने आए।

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल दर्ज केस 1,676
कुल गिरफ्तार लोग 2,000 से ज्यादा (1,641 दलाल और 410 एजेंट)
जब्त ई-टिकट की कीमत 9.62 करोड़ रुपये
जब्त JCR टिकट की कीमत 88.4 लाख रुपये
गिरफ्तार रेलवे कर्मचारी 7 (बुकिंग और रिजर्वेशन क्लर्क)

रेलवे नियमों के मुताबिक, बिना अनुमति के टिकट बेचना या ट्रांसफर करना Railways Act, 1989 की धारा 143 के तहत अपराध है। इसके लिए 3 महीने की जेल और 500 रुपये जुर्माना हो सकता है। वहीं, अगर कोई इसे बिजनेस की तरह करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये जुर्माना भरना पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी 2025 के एक मामले में कहा कि ई-टिकटों की अवैध बिक्री एक सामाजिक अपराध है जिसे रोकना जरूरी है।

रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक 3 करोड़ से ज्यादा संदिग्ध यूजर आईडी बंद कर दिए गए हैं। साथ ही, तत्काल टिकट बुकिंग में धांधली रोकने के लिए 322 ट्रेनों में आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन शुरू किया गया है। Northern Railway के DSC Ashutosh Pandey ने साफ किया कि RPF की नीति जीरो टॉलरेंस की है और अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिया जा रहा है।