Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में चलने वाली Central Railway की Railway Protection Force (RPF) ने पिछले चार महीनों में बड़ी कामयाबी हासिल की है। 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच RPF ने 584 लोगों को उनके परिवार से
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में चलने वाली Central Railway की Railway Protection Force (RPF) ने पिछले चार महीनों में बड़ी कामयाबी हासिल की है। 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच RPF ने 584 लोगों को उनके परिवार से मिलाया और 25 लोगों की जान बचाई। रेलवे परिसर में चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशन्स के जरिए यह काम किया गया है।
RPF ने किन ऑपरेशन्स के जरिए लोगों की मदद की?
रेलवे पुलिस ने अलग-अलग जरूरतों के लिए तीन खास अभियान चलाए। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत उन बच्चों को बचाया गया जो घर से भाग गए थे या लापता थे। वहीं ‘ऑपरेशन डिग्निटी’ के जरिए उन बड़ों की मदद की गई जो मानसिक रूप से बीमार थे या बेसहारा थे। ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’ के तहत उन यात्रियों को बचाया गया जो चलती ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय फिसल गए थे।
बचाव कार्य का पूरा ब्यौरा क्या है?
| ऑपरेशन का नाम |
किसे बचाया गया |
संख्या |
| ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते |
बच्चे (331 लड़के, 168 लड़कियां) |
499 |
| ऑपरेशन डिग्निटी |
बेसहारा वयस्क (38 पुरुष, 47 महिलाएं) |
85 |
| ऑपरेशन जीवन रक्षा |
यात्री (20 पुरुष, 5 महिलाएं) |
25 |
Central Railway के मुख्य प्रवक्ता Swapnil Nila ने बताया कि RPF सिर्फ एक सुरक्षा बल नहीं है, बल्कि भारतीय रेलवे का एक संवेदनशील हिस्सा भी है। उन्होंने कहा कि लापता बच्चों और बड़ों की मदद करना और लोगों की जान बचाना उनकी सतर्कता और जनसेवा का हिस्सा है। बच्चों के पुनर्वास के लिए Child Welfare Committees (CWC) और NGO की मदद ली गई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
RPF ने कुल कितने बच्चों को उनके परिवार से मिलाया?
1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच RPF ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत कुल 499 बच्चों (331 लड़के और 168 लड़कियां) को रेस्क्यू कर उनके परिवार से मिलाया या CWC को सौंपा।
ऑपरेशन जीवन रक्षा क्या है?
यह ऑपरेशन चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के दौरान फिसलने वाले यात्रियों की जान बचाने के लिए था, जिसके तहत 20 पुरुषों और 5 महिलाओं की जान बचाई गई।