Maharashtra में बिना टिकट सफर करना हुआ महंगा, जुर्माना बढ़ा तो रेलवे की कमाई में 61% का उछाल
Maharashtra: मुंबई लोकल और अन्य ट्रेनों में बिना टिकट सफर करने वालों की अब खैर नहीं है। सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन में न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है, जिसका सीधा असर रेलवे की कमाई पर दिख
Maharashtra: मुंबई लोकल और अन्य ट्रेनों में बिना टिकट सफर करने वालों की अब खैर नहीं है। सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन में न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है, जिसका सीधा असर रेलवे की कमाई पर दिखा है। जुर्माने की राशि बढ़ने के बाद बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या में कमी आई है, लेकिन रेलवे द्वारा वसूले गए जुर्माने की रकम में भारी बढ़ोतरी हुई है।
यह बदलाव जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत किया गया है, जो 21 जून 2026 से लागू हुआ। इस नए कानून के जरिए रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 137 में बदलाव किया गया है। अब अगर कोई यात्री बिना वैध टिकट के पकड़ा जाता है, तो उसे किराए के साथ-साथ अतिरिक्त शुल्क और कम से कम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। सरकार ने अब छोटे अपराधों के लिए आपराधिक कार्रवाई के बजाय सिविल पेनल्टी यानी जुर्माने की वसूली पर ज्यादा जोर दिया है।
जुर्माना बढ़ने के बाद के आंकड़े कुछ इस तरह रहे हैं:
| समय अवधि | बिना टिकट केस | जुर्माना वसूली |
|---|---|---|
| 1 जुलाई से 16 जुलाई 2026 | 4% की गिरावट | 61% से ज्यादा की बढ़त |
| 21 जून से 16 जुलाई 2026 | 1.21 लाख केस (2.8% की कमी) | 5.08 करोड़ से बढ़कर 8.66 करोड़ रुपये |
| 20 जून से 9 जुलाई 2026 | 16% की गिरावट | 6.98 करोड़ रुपये |
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जुर्माने की राशि बढ़ाने से लोग बिना टिकट सफर करने से डर रहे हैं और टिकट खरीदने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। सेंट्रल रेलवे के साथ-साथ वेस्टर्न रेलवे में भी बिना टिकट यात्रा करने वालों के मामलों में करीब 22% की कमी देखी गई है। रेलवे ने साफ किया है कि आने वाले समय में भी टिकट चेकिंग के विशेष अभियान जारी रहेंगे ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।