Delhi: जनगणना 2027 को लेकर देश में हलचल तेज हो गई है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़े संगठन नई दिल्ली पहुंचे हैं और सरकार से मांग की है कि जनगणना प्रपत्र में OBC के लिए एक अलग कोड शामिल किया जाए। संगठनों का कहना है कि पह
Delhi: जनगणना 2027 को लेकर देश में हलचल तेज हो गई है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़े संगठन नई दिल्ली पहुंचे हैं और सरकार से मांग की है कि जनगणना प्रपत्र में OBC के लिए एक अलग कोड शामिल किया जाए। संगठनों का कहना है कि पहले चरण के फॉर्म में SC और ST का जिक्र है, लेकिन OBC को नजरअंदाज किया गया है।
OBC कोड की मांग क्यों हो रही है?
जनगणना 2027 के पहले चरण (House Listing) के लिए जो 33 सवालों वाला फॉर्म तैयार किया गया है, उसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए तो कॉलम हैं, लेकिन OBC के लिए कोई अलग कोड नहीं है। इसी वजह से राष्ट्रीय OBC महासंघ और अन्य राजनीतिक दलों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि बिना अलग कोड के OBC डेटा सही तरीके से इकट्ठा नहीं हो पाएगा।
सरकार का इस पर क्या कहना है?
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने साफ किया है कि जाति आधारित जनगणना, जिसमें OBC का डेटा भी शामिल होगा, दूसरे चरण (Population Enumeration) में की जाएगी। यह प्रक्रिया फरवरी 2027 में शुरू होगी। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त Mrityunjay Kumar Narayan ने बताया कि इस बार डिजिटल ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ की सुविधा भी होगी, जिससे लोग खुद ऑनलाइन अपनी जाति की जानकारी भर सकेंगे।
किन राज्यों और संस्थाओं ने दिया समर्थन?
OBC जनगणना की मांग को बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों ने अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेस (NCBC) और संसदीय स्थायी समिति ने भी जनगणना में OBC डेटा शामिल करने की सिफारिश की है। फिलहाल, हाउस लिस्टिंग का काम चल रहा है, जिसमें कुछ इलाकों में मोबाइल फोन और डेटा कलेक्शन को लेकर चुनौतियां भी सामने आई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
OBC डेटा जनगणना में कब शामिल किया जाएगा?
गृह मंत्री के अनुसार, OBC समेत जाति आधारित जनगणना दूसरे चरण (Population Enumeration) में होगी, जो फरवरी 2027 में निर्धारित है।
जनगणना 2027 का पहला चरण क्या है?
पहला चरण House Listing and Housing Census है, जो 1 अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें घरों की सूची बनाई जा रही है।