Delhi: गृह मंत्रालय ने देश भर में जनगणना 2027 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए LED स्क्रीन वाले मोबाइल वैन और ट्रकों को हरी झंडी दिखाई है। ये गाड़ियां दिल्ली समेत पूरे भारत में घूमेंगी और लोगों को इस प्रक्रिया की पूर
Delhi: गृह मंत्रालय ने देश भर में जनगणना 2027 के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए LED स्क्रीन वाले मोबाइल वैन और ट्रकों को हरी झंडी दिखाई है। ये गाड़ियां दिल्ली समेत पूरे भारत में घूमेंगी और लोगों को इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी देंगी। गृह मंत्री Amit Shah ने इसके साथ ही डिजिटल टूल्स और ‘प्रगति’ व ‘विकास’ नाम के दो मैस्कॉट भी लॉन्च किए हैं।
जनगणना 2027 के दो चरण और जरूरी तारीखें
भारत की 16वीं जनगणना दो हिस्सों में पूरी होगी। पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस है, जो 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें घरों की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या की गिनती होगी और 1931 के बाद पहली बार जाति की गणना भी की जाएगी।
डिजिटल सिस्टम और सेल्फ-एन्यूमरेशन क्या है
यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें लोगों के पास खुद अपनी जानकारी भरने (Self-enumeration) का विकल्प होगा। दिल्ली में यह प्रक्रिया 1 मई 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि बिहार में यह 1 मई को समाप्त हो गई। C-DAC ने इसके लिए मोबाइल ऐप और पोर्टल तैयार किए हैं ताकि डेटा जुटाना आसान हो सके।
सावधान रहें और सही जानकारी दें
रजिस्ट्रार जनरल Mrityunjay Kumar Narayan ने लोगों से सही जानकारी देने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि डेटा पूरी तरह गुप्त रहेगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि जनगणना अधिकारी बनकर कोई आपसे बैंक डिटेल, OTP या पैसे नहीं मांगेगा। ऐसे किसी भी फर्जी कॉल या व्यक्ति से सावधान रहें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जनगणना 2027 की मुख्य तारीखें क्या हैं
पहला चरण (हाउस लिस्टिंग) अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में होगा। संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है, लेकिन पहाड़ी इलाकों के लिए यह 1 अक्टूबर 2026 है।
क्या जनगणना की जानकारी सुरक्षित रहेगी
हाँ, Census Act 1948 के तहत सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका इस्तेमाल कोर्ट में सबूत के तौर पर या सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए नहीं किया जा सकता।