India: देशभर में Census 2027 का काम तेजी से चल रहा है। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और 1931 के बाद पहली बार इसमें जातिवार गणना भी शामिल की जा रही है। जहां एक तरफ सरकार इसे आधुनिक बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं ज
India: देशभर में Census 2027 का काम तेजी से चल रहा है। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और 1931 के बाद पहली बार इसमें जातिवार गणना भी शामिल की जा रही है। जहां एक तरफ सरकार इसे आधुनिक बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं जमीन पर सर्वे कर रहे कर्मचारियों को भीषण गर्मी और लोगों के असहयोग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जनगणना के दौरान कर्मचारियों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है?
दिल्ली, गुरुग्राम, पंजाब, गोरखपुर और महाराष्ट्र जैसे इलाकों में लोग अपनी आय और संपत्ति की जानकारी देने से कतरा रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोग अपनी गाड़ियों और निजी संपत्ति का सही विवरण नहीं दे रहे हैं और कुछ तो गलत नंबर बता रहे हैं। इसके अलावा, 45 डिग्री तक की गर्मी में शिक्षक और आशा वर्कर्स डोर-टू-डोर सर्वे कर रहे हैं, जिससे उन्हें डिहाइड्रेशन और लंबी दूरी तय करने जैसी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
किन राज्यों में काम पूरा हुआ और कहां अभी चल रहा है?
अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और दिल्ली के NDMC क्षेत्र में मकान सूचीकरण का काम 15 मई 2026 तक पूरा हो चुका है। वहीं राजस्थान, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली के MCD क्षेत्र में फील्ड वर्क शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण का काम चलेगा, जबकि गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी में 1 जून से 30 जून के बीच फील्ड कार्य किया जाएगा।
लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर क्या होगी कार्रवाई?
जनगणना के काम में ढिलाई बरतने वालों पर प्रशासन सख्त है। गुरुग्राम पुलिस ने डेटा दर्ज न करने और ट्रेनिंग में न जाने के आरोप में 10 सरकारी कर्मचारियों पर FIR दर्ज की है। इसी तरह संभल जिला प्रशासन ने भी 60 प्रगणकों और 11 सुपरवाइजरों को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डिजिटल जनगणना 2027 में क्या खास है?
यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है। इसमें 1931 के बाद पहली बार व्यापक जातिवार गणना शामिल होगी और डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल किया गया है।
क्या जनगणना में दी गई जानकारी गोपनीय रहती है?
हां, जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत एकत्र किया गया सारा व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है।