Maharashtra: CBSE क्लास 10 के नतीजों के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच हलचल मची है। इस साल गणित का पेपर काफी कठिन आने की वजह से कई छात्रों के नंबर उम्मीद से कम आए हैं। इस वजह से अब बड़ी संख्या में छात्र बोर्ड की नई R
Maharashtra: CBSE क्लास 10 के नतीजों के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच हलचल मची है। इस साल गणित का पेपर काफी कठिन आने की वजह से कई छात्रों के नंबर उम्मीद से कम आए हैं। इस वजह से अब बड़ी संख्या में छात्र बोर्ड की नई ‘बेटरमेंट राउंड’ यानी दूसरी परीक्षा में बैठने की तैयारी कर रहे हैं।
दूसरी बोर्ड परीक्षा के नियम और तारीखें क्या हैं?
CBSE ने 2026 सत्र से ‘बेस्ट-ऑफ-टू’ नियम लागू किया है। इसके तहत छात्रों को एक ही साल में दो बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। पहली परीक्षा अनिवार्य थी, जबकि मई में होने वाली दूसरी परीक्षा वैकल्पिक है।
- मुख्य परीक्षा: 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक हुई।
- नतीजे: 15 अप्रैल 2026 को घोषित किए गए।
- दूसरी परीक्षा: 15 मई से 1 जून 2026 तक चलेगी।
- गणित (Standard और Basic) का पेपर 15 मई को होगा।
- नतीजे जून में घोषित किए जाएंगे।
कौन से छात्र दे सकते हैं यह परीक्षा और क्या होगा फायदा?
यह परीक्षा उन छात्रों के लिए है जो अपने नंबर बढ़ाना चाहते हैं या जो कंपार्टमेंट कैटेगरी में हैं। छात्र साइंस, गणित, सोशल साइंस और भाषाओं में से किन्हीं तीन विषयों में सुधार कर सकते हैं। नियम यह है कि दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में ज्यादा नंबर आएंगे, उसी को फाइनल माना जाएगा।
| नियम |
विवरण |
| विषय बदलना |
सिर्फ गणित में Basic और Standard बदला जा सकता है। |
| पात्रता |
3 या ज्यादा विषय फेल होने वाले छात्र पात्र नहीं हैं। |
| इंटरनल मार्क्स |
पहली परीक्षा के इंटरनल मार्क्स ही आगे बढ़ेंगे। |
| सिलेबस |
सिलेबस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। |
स्कूल प्रिंसिपल्स का क्या कहना है?
मुंबई और नवी मुंबई के स्कूलों में यह रुझान ज्यादा दिख रहा है। DPS नवी मुंबई के प्रिंसिपल हरि वशिष्ठ ने बताया कि गणित और विज्ञान के पेपर काफी कठिन थे, जिससे पुणे रीजन की रैंकिंग टॉप 5 से गिरकर सातवें स्थान पर आ गई। R N Podar स्कूल की डायरेक्टर-प्रिंसिपल अवनीता बीर और स्काईलाइन स्कूल की प्रिंसिपल रश्मि पानग्रिहा ने भी माना कि 20% से 35% छात्र नंबर सुधारने के लिए दूसरी परीक्षा चुन रहे हैं।