Maharashtra: मुंबई में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के एक इंटेलिजेंस ऑफिसर और एजेंसी के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने
Maharashtra: मुंबई में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के एक इंटेलिजेंस ऑफिसर और एजेंसी के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर ड्रग्स तस्करी के आरोपियों को ईडी (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग केस से बचाने और उन्हें डिस्चार्ज कराने में मदद की। यह पूरी कार्रवाई एनसीबी के महानिदेशक अनुराग गर्ग द्वारा भेजी गई लिखित शिकायत के बाद शुरू हुई है।
कौन हैं आरोपी और क्या है पूरा मामला?
CBI ने इस केस में NCB के तत्कालीन इंटेलिजेंस ऑफिसर K Kiran Babu और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर Atul Sarpande को नामजद किया है। मामला 2006 के एक बड़े ड्रग्स केस से जुड़ा है, जिसमें 200 किलो कोकीन की तस्करी हुई थी। आरोप है कि K Kiran Babu और Atul Sarpande ने मिलकर ओमप्रकाश नागोजा, उमेश बंगुर और विजय थोरवे नाम के आरोपियों को ईडी के केस से बाहर निकलवाने में मदद की।
कैसे की गई आरोपियों की मदद और क्या है गड़बड़ी?
CBI की FIR के मुताबिक, वकील Atul Sarpande ने एनसीबी अधिकारियों को गलत जानकारी दी कि इस मामले में कोई कानूनी कार्यवाही या लिटिगेशन पेंडिंग नहीं है, जबकि असल में बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका लंबित थी। वहीं, K Kiran Babu ने अपने सीनियर को केस की सही जानकारी नहीं दी। जांच में यह भी सामने आया कि K Kiran Babu के आरोपी उमेश बंगुर के साथ अनौपचारिक संबंध थे, क्योंकि उन्होंने जुलाई 2022 में एक फ्लैट खरीदा था। इसी मिलीभगत के कारण PMLA कोर्ट ने 14 जून 2023 को आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
CBI ने किन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है?
CBI ने NCB के इंटेलिजेंस ऑफिसर K Kiran Babu और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर Atul Sarpande के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।
यह मामला किस ड्रग्स केस से जुड़ा है?
यह मामला जून 2006 के एक केस से जुड़ा है जिसमें 200 किलो कोकीन की तस्करी हुई थी और आरोपी मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसे थे।