Uttarakhand: लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) के 800 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस घोटाले के दो मुख्य आरोपियों, किशन जैन और पंकज जैन को मुंबई
Uttarakhand: लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) के 800 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस घोटाले के दो मुख्य आरोपियों, किशन जैन और पंकज जैन को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लुभावने रिटर्न का लालच देकर एक लाख से ज्यादा आम लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प ली गई।
LUCC घोटाले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
CBI ने इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं। जून 2026 की शुरुआत में किशन और पंकज जैन को पकड़ा गया, जो उत्तराखंड पुलिस की नजरों से बचकर मुंबई में छिपे थे। इससे पहले 13 मई 2026 को सुशील गोखरु, राजेंद्र सिंह बिष्ट, तरुण कुमार मौर्य, गौरव रोहिल्ला और ममता भंडारी को भी अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उनकी पत्नी सानिया अग्रवाल अभी भी फरार हैं, जिनके लिए इंटरनेशनल नोटिस जारी किया गया है।
आम लोगों के साथ कैसे हुई धोखाधड़ी?
यह पूरा मामला जून 2024 में तब सामने आया जब LUCC के सभी ऑफिस अचानक बंद हो गए। जांच में पता चला कि सोसाइटी ने बिना किसी नियम के डिपॉजिट स्कीम चलाई थीं। हजारों परिवारों ने अपनी जमापूंजी इसमें लगाई थी।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल ठगी की राशि |
लगभग 800 करोड़ रुपये |
| पीड़ित निवेशकों की संख्या |
1 लाख से अधिक |
| मुख्य आरोपी (फरार) |
समीर अग्रवाल और सानिया अग्रवाल |
| केस ट्रांसफर |
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने CBI को सौंपा |
CBI ने बताया कि आरोपियों ने पैसों का इस्तेमाल करके कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इन संपत्तियों की जानकारी उत्तराखंड सरकार को दे दी गई है ताकि इन्हें फ्रीज करके पीड़ितों के पैसे वापस दिलाए जा सकें।
पीड़ित अपनी शिकायत कैसे दर्ज करा सकते हैं?
उत्तराखंड सरकार ने इस घोटाले के पीड़ितों की मदद के लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। फरवरी 2026 में लॉन्च हुए इस पोर्टल के जरिए लोग अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकते हैं। CBI इस मामले में बैंकिंग ट्रांजेक्शन और वित्तीय रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रही है ताकि हर एक पैसे का हिसाब लगाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
LUCC घोटाला क्या है और इसमें कितने लोग ठगे गए हैं?
यह एक मल्टी-स्टेट क्रेडिट सोसाइटी घोटाला है जिसमें करीब 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इसमें उत्तराखंड के एक लाख से ज्यादा निवेशकों ने पैसा लगाया था जिन्हें लुभावने रिटर्न का वादा किया गया था।
क्या पीड़ितों को उनके पैसे वापस मिलेंगे?
CBI ने आरोपियों द्वारा खरीदी गई संपत्तियों का विवरण उत्तराखंड सरकार को दिया है। BUDS एक्ट 2019 के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज कर उन्हें बेचकर पीड़ितों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया की जा रही है।