Delhi: दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की कमान संभालने वाली DGHS डॉ वत्सला अग्रवाल को बड़ी राहत मिली है। Central Administrative Tribunal (CAT) की प्रिंसिपल बेंच ने उनके तबादले के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। डॉ अग्रवाल को उन
Delhi: दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की कमान संभालने वाली DGHS डॉ वत्सला अग्रवाल को बड़ी राहत मिली है। Central Administrative Tribunal (CAT) की प्रिंसिपल बेंच ने उनके तबादले के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। डॉ अग्रवाल को उनके पद से हटाकर बिना किसी काम के ‘वेटिंग’ लिस्ट में डाल दिया गया था, जिसे अब कोर्ट ने गलत माना है।
तबादला क्यों हुआ और कोर्ट ने क्या कहा?
डॉ वत्सला अग्रवाल को 21 मई 2026 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पद से हटाया था। इस फैसले को LG तरणजीत सिंह संधू ने मंजूरी दी थी। डॉ अग्रवाल के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि यह तबादला बदला लेने के लिए और गलत इरादे से किया गया है। जस्टिस राजवीर सिंह वर्मा की बेंच ने पाया कि प्रथम दृष्टया यह मामला सही लग रहा है और अगर रोक नहीं लगाई गई तो डॉ अग्रवाल को भारी नुकसान होगा।
विजिलेंस जांच और भ्रष्टाचार के आरोप
इस पूरे मामले के पीछे दवाओं और सर्जिकल सामानों की खरीद में हुई गड़बड़ी की बात सामने आ रही है। 18 मई 2026 को विजिलेंस विभाग की टीम ने डॉ अग्रवाल के ऑफिस जाकर फाइलें मांगी थीं। माना जा रहा है कि सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद ही यह कार्रवाई की गई। हालांकि, सरकारी आदेश में तबादले का कोई साफ कारण नहीं लिखा गया था।
अब आगे क्या होगा?
CAT ने अब दिल्ली सरकार (GNCTD) से इस मामले में जवाब मांगा है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 मई 2026 की तारीख तय की है। डॉ अग्रवाल की भूमिका दिल्ली मेडिकल काउंसिल (DMC) के चुनावों में भी अहम थी, जो 31 मई को होने वाले हैं। उनके हटने से चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे थे। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद वह अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकेंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डॉ वत्सला अग्रवाल के तबादले पर रोक किस कोर्ट ने लगाई है?
Central Administrative Tribunal (CAT) की प्रिंसिपल बेंच ने जस्टिस राजवीर सिंह वर्मा के नेतृत्व में इस तबादले पर अंतरिम रोक लगाई है।
तबादले का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) द्वारा दवाओं और सर्जिकल सामानों की खरीद में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के कारण यह कार्रवाई हुई थी।