Delhi: सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के जवानों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बहुत जरूरी फैसला सुनाया है। अब BSF समेत सभी CAPF कर्मी अपनी सर्विस से जुड़े विवादों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। खास बात य
Delhi: सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के जवानों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बहुत जरूरी फैसला सुनाया है। अब BSF समेत सभी CAPF कर्मी अपनी सर्विस से जुड़े विवादों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। खास बात यह है कि जवान चाहे देश के किसी भी कोने में तैनात हो, वह दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी याचिका लगा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला क्यों लिया?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि भारत सरकार के ऑफिस और CAPF के मुख्यालय (Headquarters) दिल्ली में हैं, इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट को इन मामलों को सुनने का अधिकार है। कोर्ट ने साफ किया कि पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘फोरम नॉन कन्वेनियन्स’ (असुविधाजनक फोरम) का हवाला देकर कई याचिकाओं को खारिज किया था, जो कि गलत था। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने यह फैसला सुनाया है।
किसे मिलेगा इस फैसले का फायदा?
इस फैसले का सीधा फायदा BSF, CISF और अन्य सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवानों को मिलेगा। यह मामला बख्शीश अहमद नाम के एक BSF कॉन्स्टेबल से जुड़ा था, जिसे सर्विस से निकाला गया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले उसकी याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया था कि वह दिल्ली के बाहर का मामला है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब उस आदेश को पलट दिया है और याचिका को फिर से सुनने का आदेश दिया है।
कानूनी प्रक्रिया में क्या बदलाव आएगा?
अब जवानों को अपनी शिकायत या सर्विस विवाद के लिए उन राज्यों के कोर्ट जाने की मजबूरी नहीं होगी जहां वे तैनात हैं। वे सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपील कर सकेंगे। इससे प्रशासनिक कानूनी लड़ाई आसान होगी और जवानों को अपनी बात रखने के लिए एक निश्चित जगह मिलेगी। इस मामले में अपील करने वाले जवान की तरफ से एडवोकेट महबूब आलम इनायत और respondents की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी पेश हुईं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यह नियम सभी CAPF जवानों पर लागू होता है?
हाँ, सुप्रीम कोर्ट के अनुसार BSF सहित सभी सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के सदस्य अपनी सर्विस से जुड़ी समस्याओं के लिए दिल्ली हाईकोर्ट जा सकते हैं।
अगर जवान दिल्ली से बाहर तैनात है तो क्या वह दिल्ली कोर्ट जा सकता है?
जी हाँ, फैसला यह स्पष्ट करता है कि मामला दिल्ली के बाहर का होने के बावजूद जवान दिल्ली हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर सकता है क्योंकि फोर्स के मुख्यालय दिल्ली में स्थित हैं।